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भोजशाला में खुदाई का विरोध! मुस्लिम समाज ने काली पट्टी बांधकर पढ़ी जुमे की नमाज, ASI ने क्या कहा?

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धार

4 मई शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोग काली पट्टी बांधकर धार की भोजशाला में नमाज के लिए इकट्ठे हुए। काली पट्टी बांधकर मुस्लिम समुदाय के लोग खुदाई का विरोध कर रहे थे। इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उल्लंघन मानते हुए ही कई मुसलमानों ने नमाज में काली पट्टी बांधकर भाग लिया।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद एएसआई पिछले 64 दिनों से भोजशाला की जांच कर रहा है। हिंदु समाज के लोग 11वीं सदी के स्मारक भोजशाला को हिंदू वाग्देवी (देवी सरस्वती) को समर्पित मंदिर मानते हैं। यह एएसआई द्वारा संरक्षित है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है। हिंदू पक्ष के वकील शिरीष दुबे ने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय के नेता इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को गलत समझ रहे हैं।

कमाल मौला की मस्जिद के अधिकारी जुल्फिकार पठान ने शुक्रवार की नमाज के बाद संवाददाताओं से बात की। उन्होंने कहा, ‘हमने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि परिसर में भौतिक खुदाई न करने के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद, एएसआई खुदाई कर रहा है और मस्जिद की दीवारों को कमजोर कर रहा है।’

उन्होंने बताया कि समुदाय के नेताओं ने पिछले शुक्रवार को इस मामले को उठाया था और एएसआई सर्वेक्षण में कोई बदलाव न होने पर विरोध में काली पट्टी बांधने का फैसला किया गया। पठान ने उल्लेख किया कि वे वर्तमान में मौन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे अपना आंदोलन तेज कर देंगे। अप्रैल में, सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण को रोकने से इनकार कर दिया। इस बात पर जोर देते हुए कि परिसर की प्रकृति को बदलने वाली कोई भी भौतिक खुदाई नहीं की जानी चाहिए।

हालांकि, दुबे ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि खुदाई इस तरह से की जानी चाहिए कि इससे साइट की मूल संरचना में कोई बदलाव न हो। एएसआई आवश्यकतानुसार अपना सर्वेक्षण कर रहा है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के नेता सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की गलत व्याख्या कर रहे हैं और मामले पर भ्रामक कहानी का प्रचार कर रहे हैं। 7 अप्रैल, 2003 को एएसआई द्वारा किए गए समझौते के अनुसार, हिंदू मंगलवार को भोजशाला परिसर में प्रार्थना करते हैं, जबकि मुसलमान शुक्रवार को परिसर में नमाज अदा करते हैं।

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