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BJP पिछड़ी, 10 साल बाद खिचड़ी सरकार, शिवसेना की केंद्र-राज्य में चांदी! एकनाथ शिंदे के लिए बड़ा मौका

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मुंबई:

केंद्र और महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव में झटका लगा है। पिछले चुनाव में 23 सीटें जीतने वाली बीजेपी इस साल 28 सीटों पर चुनाव लड़ी। उन्हें सिर्फ 9 सीटों पर सफलता मिली। इस बार बीजेपी की 14 सीटें कम हो गईं। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी बीजेपी को नुकसान हुआ। इसलिए अब बीजेपी को केंद्र में सत्ता स्थापित करने के लिए सहयोगियों पर निर्भर रहना होगा। 10 साल बाद केंद्र में खिचड़ी सरकार आएगी। इसका सीधा फायदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को होगा।

शिंदे कैसे बने जरूरत?
लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 240 सीटें जीतीं। सरकार बनाने के लिए बीजेपी को 32 और सांसदों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में 10 साल में पहली बार बीजेपी के सहयोगियों के अच्छे दिन आए हैं। एनडीए में तेलुगु देशम पार्टी के 16 और जनता दल यूनाइटेड के 12 सदस्य चुने गए हैं। इन दोनों पार्टियों के साथ एनडीए की ताकत 268 हो जाती है। इसमें एकनाथ शिंदे की शिवसेना के 7 सांसदों को जोड़ दिया जाए तो एनडीए बहुमत के आंकड़े तक पहुंच जाता है। इसलिए शिंदे का समर्थन बीजेपी के लिए अहम है।

केंद्र में शिंदे की डिमांड क्या?
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री शिंदे ने केंद्र में 1 कैबिनेट और 2 राज्य मंत्री पद मांगे हैं। इससे केंद्र में शिंदेसेना की ताकत बढ़ जाएगी। महाराष्ट्र में बीजेपी के पतन के बाद से एकनाथ शिंदे को भी राज्य में फायदा होगा। शिंदे राज्य में सुरक्षित हो गए हैं। क्योंकि बीजेपी ने 23 सीटों से सीधे 9 सीटें जीत ली हैं। यह लगभग साफ है कि वह विधानसभा चुनाव तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

शिंदे की बढ़ी अहमियत
शिंदे की अहमियत इसलिए बढ़ गई है क्योंकि बीजेपी को केंद्र में शिंदे सेना की जरूरत है। 28 में से सिर्फ 9 सीटों पर बीजेपी की जीत हुई। उनका स्ट्राइक रेट 32.14 है जबकि शिंदे सेना ने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा और 7 सीटें जीतीं। शिंदे सेना का स्ट्राइक रेट करीब 46.66 का है। पिछले चुनाव में बीजेपी का स्ट्राइक रेट 92 था। इस साल यह सीधे 32.14 पर आ गया है।

बीजेपी से बेहतर शिंदे सेना का प्रदर्शन
हालांकि शिंदे सेना ने बीजेपी से कम सीटें जीती हैं लेकिन उनका प्रदर्शन बीजेपी से बेहतर जरूर रहा है। शिंदे को 13 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। इसलिए बीजेपी को एहसास हो गया है कि उनके पास जन समर्थन है। राज्य में महाविकास अघाड़ी की ताकत बढ़ी है। उन्होंने करीब 30 सीटें जीती हैं। इन सब हालातों को देखते हुए बीजेपी के लिए शिंदे की अहमियत बढ़ गई है।

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