गाजीपुर
लोकसभा चुनाव के जीतने के बाद ने कहा कि भगवान श्रीराम का ऐसा प्रकोप आया वहां (अयोध्या) में भी भारतीय जनता पार्टी हार गई। इतना ही नहीं चित्रकूट धाम कर्वी भी हार गए। अफजाल अंसारी मीडिया से अपने पैतृक आवास पर पिछले दिनों बातचीत में ये बात कही। हमेशा की तरह वह एक बार फिर अपने राजनीतिक विपक्षी दलों पर हमलावर रहे।
अफजाल अंसारी ने कहा कि चुनाव के दौरान यह नरेटिव बनाया गया कि उनके भाई मुख्तार अंसारी रहते थे तो कुछ और बात होती थी। भले मुख्तार अंसारी 18 सालों से जेल में थे, लेकिन चुनाव का प्रबंध मुख्तार ही देखते थे। अफजाल अंसारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि अब मुख्तार अंसारी रहे नहीं। अब कैसी राजनीति? अब कैसी जीत? चुनाव के दौरान यह भी सवाल उठाया गया कि 2019 के चुनाव में जब वह मनोज सिन्हा से जीते थे, तब उनके पास बीएसपी का सिंबल था और समाजवादी पार्टी का समर्थन था। इसके प्रतिफल वह एक 1.19 लाख से जीत हासिल करने में कामयाब हुए थे।
बसपा को दिया करारा जवाब
वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए कहा जा रहा था कि बीएसपी अपना खुद का कैंडिडेट दे रही है। उन्हें (अफजाल अंसारी) कोर्ट से सजा हो चुकी है। हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। सिर पर सजा की तलवार लटक रही है। अफजाल ने मीडिया से ही सवाल करते हुए कहा कि अब ऐसे में कुछ बाकी रह गया हो तो बताएं। 2024 के चुनाव में बीएसपी कैंडिडेट को 1.65 लाख वोट मिले हैं। स्वाभाविक है कि की 2019 के चुनाव में गठबंधन होने के कारण बीएसपी का वोट अफजाल अंसारी के खाते में था। अफजाल अंसारी ने कहा कि गठबंधन के बाद वह 5.66 लाख वोट 2019 के चुनाव में पाए थे। बिना गठबंधन के 2024 के चुनाव में वह 5.4 लाख वोट पाने में कामयाब रहे हैं। विपक्ष की ओर से उनके खिलाफ बनाया गया नरेटिव भ्रामक था। अफजल मानते हैं कि कुछ लोग उस नरेटिव की वजह से गुमराह भी हुए होंगे, लेकिन बाकी लोग सब कुछ समझ रहे थे। अफजाल अंसारी ने कहा कि 2024 का चुनाव मुख्तार विहीन नहीं रहा।
भगवान राम का प्रकोप
अफजाल अंसारी ने कहा कि उनकी खुद की जीत हुई है। यह बड़ी बात नहीं है। जिन पूर्वांचल की सीटों को वह जीतने का दावा करते थे, उस पर भी इंडिया गठबंधन को जीत हासिल हुई है। अफजाल अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी चंदौली, बलिया, सलेमपुर, घोसी, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, मछली शहर सीट भी जीतने में कामयाब रही है। यहां तक की सुल्तानपुर ,अंबेडकर नगर भी समाजवादी पार्टी जीतने में कामयाब रही है। फैजाबाद में जहां भगवान राम का मंदिर बनवाया गया और प्राण प्रतिष्ठा किया गया है, वहां भी भगवान राम का ऐसा प्रकोप हुआ कि बीजेपी हार गई है। यहां तक की चित्रकूट धाम कर्वी और बांदा तक में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।
