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पश्चिमी यूपी में भाजपा के दो नेताओं की जुबानी जंग से सियासी पारा चढ़ा, संजीव बालियान और संगीत सोम के बीच विवाद

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मेरठ:

चुनाव खत्म होते ही सभी राजनीतिक पार्टियां अपने हार की समीक्षा कर रही है। वहीं पश्चिमी यूपी में भाजपा के दो दिग्गज नेताओं की जुबानी जंग ने सियासी पारा एक बार फिर से चढ़ा दिया है। मुजफ्फरनगर में भाजपा की हुई हार का जिम्मेदार संजीव बालियान मेरठ से भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम को जिम्मेदार बता कर गंभीर आरोप लगा दिए है। वहीं पूर्व विधायक संगीत सोम ने आज मंगलवार को कहा कि संजीव बालियान 5 सालों में हुए भ्रष्टाचार की वजह से हारे हैं। लोग परेशान थे, इसलिए वह चुनाव हार गए। मेरे माता-पिता ने मुझे ऐसे संस्कार नहीं दिए कि मैं जयचंद या सिखंडी बनूं।

मामला कल सोमवार को संजीव बालियान ने मेरठ से भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम पर आरोप लगाते हुए कहा था कि संगीत सोम ने सरकारी सुविधाएं लेते हुए सपा प्रत्याशी को चुनाव लड़वाया। मुस्लिम मतदाताओं का ध्रुवीकरण और हिंदुओं का जातियों में बंट जाना, उनकी हार की प्रमुख वजह रही। इसके पीछे पार्टी के ही एक पूर्व विधायक ने न केवल विभीषण बनकर बल्कि शिखंडी बनकर भी छिपकर वार किया, जिस कारण मैं हार गया।

इतना बड़ा नेता नहीं जो किसी को हरवा दूं
आज संगीत सोम ने मेरठ कैंट स्थित अपने आवास एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई और बालियान पर पलटवार करते हुए जवाब दिए। सोम ने कहा कि भाजपा सरधना विधानसभा क्षेत्र से जीती है, लेकिन संजीव कुमार बालियान अपनी ही विधान सभा बुढ़ाना और चरथावल में हार गए। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने से पहले डॉ. संजीव कुमार बालियान को अपनी हार की समीक्षा करनी चाहिए। मेरी जिम्मेदारी सरधना की थी। बुढ़ाना और चरथावल में बालियान क्यों हारे, वो तो उनके घर की सीटें हैं। वहां उन्होंने 10 साल में तमाम विकास काम कराया है। मैं अकेला इतना बड़ा नेता नहीं हूं कि घर बैठकर एक मंत्री को हरा दूं। संगीत सोम ने ये भी कहा कि बालियान जी के मन में कोई बात है तो उसे पार्टी फोरम में रखते न कि इस तरह मीडिया के सामने आएं। मैं बड़ा नेता नहीं, भाजपा का कार्यकर्ता हूं, मुझे सरधना की जिम्मेदारी मिली थी, उसे मैंने अच्छे से निभाया।

संजीव बालियान ने हार के 3 कारण बताए
मुजफ्फरनगर सीट से 2 बार सांसद रहे संजीव बालियान अपनी हार के बाद दिल्ली चले गए थे। मुजफ्फरनगर लौटने के बाद पूरा लेखा कि जोखा पब्लिक के सामने रखा। इस दौरान संजीव बालियान ने अपनी हार के 3 कारण गिनाए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण, हिंदू जातियों का आपस में बंटवारा और मतदान प्रतिशत में गिरावट की वजह से मुझे हार मिली। इसके साथ ही संजीव बालियान ने भीतरघात की भी बात की।

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