रायपुर।
प्रसूताओं और बच्चों को निशुल्क वितरित की जाने वाली दवा को संदेह के दायरे में रखा गया है। इसे लेकर आषौधि विभाग की टीम ने अलग-अलग स्थानों से इसके सैंपल एकत्रित किए हैं। गुणवत्ता के मामले में संदेह के दायरे में आई आयरन की दवा के मामले में आगे की कार्रवाई के लिए सैंपल रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।
मिली जानकारी के अनुसार काफी साल से आयरन की दवाओं की सप्लाई एक ही एजेंसी से हो रही है।पिछले दिनों दवा की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आई थी। इसके बाद मंत्रालय स्तर पर इन दवाओं की जांच के निर्देश जारी किए गए थे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अलग-अलग जिला अस्पताल के साथ बीईओ के कार्यालय में रखी गई दवाओं के सैंपल लिए थे। सैंपलों को जांच के लिए कालीबाड़ी के लैब भेजा गया है।
खाद्य विभाग की टीम द्वारा रायपुर जिला अस्पताल सहित तीन जिला अस्पताल, चार जिला के खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के साथ कोरिया और जशपुर के ड्रग वेयर हाउस से आईएफए विफ्स रेड, ब्लू के अलावा बच्चों की दी जाने वाली दवा के भी सैंपल एकत्रित किए गए हैं।
