ब्रिजटाउन (बारबाडोस):
केंसिंगटन ओवल तीसरी बार वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की मेजबानी करने के लिए तैयार है। 2007 वर्ल्ड कप और 2010 टी20 वर्ल्ड कप का खिताबी मुकाबला यहां खेला गया था। अब भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2024 का फाइनल भी बारबाडोस के ब्रिजटाउन स्थित इस मैदान पर खेला जाएगा। इस मैदान का इतिहास करीब 140 साल पुराना है। 1882 में बने इस मैदान पर 1930 में पहला टेस्ट मैच खेला गया था। 2008 में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच यहां पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला गया।
भारत के नाम सिर्फ एक ही जीत
केंसिंगटन ओवल पर अभी तक पुरुषों के 32 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं। इसमें 8 मुकाबले इसी टी20 वर्ल्ड कप में हुए हैं। इन 32 मैचों में पहले खेलने वाली टीम को 19 बार जीत मिली है तो लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम 11 बार विजेता रही। दो मैचों का नतीजा नहीं निकला। इसमें एक इस वर्ल्ड कप में इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के बीच खेला गया मैच भी था। भारत ने यहां तीन टी20 इंटरनेशनल में एक जीत हासिल की है तो साउथ अफ्रीका को 3 मैचों में दो जीत मिली है।
केंसिंगटन ओवल पर टी20 के रिकॉर्ड:
| केंसिंगटन ओवल | टी20 रिकॉर्ड |
| कुल टी20 मैच | 32 |
| पहले बैटिंग करने वाली टीम जीती | 19 (59.38%) |
| लक्ष्य का पीछा करने वाली जीती | 11 (34.38%) |
| टॉस जीतने वाली टीम जीती | 19 (59.38%) |
| पहले खेलते हुए औसत स्कोर | 153 रन |
| सबसे बड़ा टीम टोटल | 224/5 (वेस्टइंडीज vs इंग्लैंड) |
| सबसे छोटा टीम टोटल | 80/10 (अफगानिस्तान vs साउथ अफ्रीका) |
| सबसे बड़ा रन चेज | 172/6 (वेस्टइंडीज vs इंग्लैंड) |
| सबसे बड़ी पारी | 107 रन- रोवमैन पॉवेल |
| बेस्ट बॉलिंग | 5/27- जेसन होल्डर |
विनिंग टोटल क्या होगा?
भारत और साउथ अफ्रीका के मैच में पहले खेलने वाली टीम 170 से ज्यादा रन बना देती है तो वह विनिंग टोटल रहने वाला है। कैरेबियन देशों की पिचें धीमी होती हैं। भारत की तरह यहां हर गेंद पर छक्के चौके लगाने लगभग नामुमकिन है। केंसिंगटन ओवल की स्थिति भी ऐसी ही है। रिकॉर्ड को भी देखें तो यहां लक्ष्य का पीछा करने आसान नहीं रहा है। भारत ने इस टूर्नामेंट में यहां एक मैच खेला है। वहीं साउथ अफ्रीकी टीम 2010 के बाद केंसिंगटन ओवल पर कोई टी20 मैच खेलेगी।
