नई दिल्ली:
लेडी डॉन अनुराधा चौधरी से शादी के लगभग चार महीने बाद कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी एक बार फिर जेल की सलाखों से बाहर निकलेगा। शादी की तरह इस बार भी उसकी सिक्योरिटी बेहद टाइट रहेगी। कोर्ट से उसे 6 घंटे की कस्टडी परौल मिली है। जेल से बाहर आते ही सादी वर्दी में दिल्ली पुलिस के जवान उसे अपने निगहबानी में ले लेंगे। परिंदे को भी उसके पास फटकने की इजाजत नहीं होगी। वहीं, दिल्ली पुलिस के बाकी जवान नजर रखेंगे कि काला जठेड़ी की वजह से कोई भी ऐसी घटना ना हो, जिसके चलते कानून व्यवस्था बिगड़े।
काला जठेड़ी को अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कोर्ट से 6 घंटे की कस्टडी परौल मिली है। बुधवार को दवाई की जगह गलती से कीटनाशक पी लेने की वजह से उसकी मां कमला का निधन हो गया था। काला जठेड़ी की मां पिछले कुछ समय से बीमार थीं और उनकी दवाइयां चल रहीं थी। कीटनाशक पी लेने की वजह से तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद काला जठेड़ी ने कोर्ट में याचिका दी और उसे अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 6 घंटे की कस्टडी परोल मिल गई।
12 मार्च को हुई थी लेडी डॉन से शादी
लगभग चार महीने पहले ही काला जठेड़ी ने लेडी डॉन और रिवॉल्वर रानी के नाम से कुख्यात अनुराधा चौधरी के साथ शादी की थी। दिल्ली के द्वारका इलाके में हुई इस शादी के लिए बैंक्वेट हॉल को किले में तब्दील कर दिया गया था। उसकी पत्नी अनुराधा चौधरी का भी लंबा क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है। हालांकि, फिलहाल वो जमानत पर बाहर है और कोर्ट को लिखित आश्वासन दिया है कि अब कभी जुर्म की दुनिया में वापस नहीं लौटेगी। शादी के अगले दिन काला जठेड़ी ने द्वार पूजा की रस्म के लिए कोर्ट से परौल मांगी थी, लेकिन हरियाणा पुलिस की तरफ से कानून व्यवस्था की समस्या बताए जाने के बाद उसकी परौल रद्द कर दी गई। उसके बाद से ही काला जठेड़ी सलाखों के पीछे है।
शादी में मां को दिया था वचन
दिल्ली के द्वारका इलाके में 12 मार्च को हुई शादी में अनुराधा चौधरी के साथ सात फेरे लेने के बाद काला जठेड़ी ने अपनी मां को सुधरने का वचन दिया था। उसने अपनी मां से कहा था, ‘सबकुछ ठीक है मां। अब कुछ गलत नहीं होगा। मैं वचन देता हूं कि आगे से किसी तरह का कोई गलत काम नहीं करूंगा।’ इस बात की जानकारी खुद उसकी मां ने मीडिया से बात करते हुए दी थी। वहीं, अनुराधा को लेकर परिवार के लोगों ने कहा था कि उनके घर में पढ़ी-लिखी और अच्छे व्यवहार वाली बहू आई है। सिक्योरिटी के चलते काला जठेड़ी की शादी में केवल उन्हीं लोगों को शामिल होने की इजाजत थी, जिनके नाम पहले से पुलिस के पास मौजूद लिस्ट में थे।
संदीप को कैसे मिला काला जठेड़ी नाम
महज 12वीं क्लास तक पढ़े सोनीपत के संदीप उर्फ काला जठेड़ी के ऊपर संगीन धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। मोबाइल झपटमारी से गैंगस्टर बना काला जठेड़ी शुरुआत में केबल ऑपरेटर था, लेकिन धीरे-धीरे लूटमार करने लगा। सितंबर 2004 में उसके ऊपर पहला केस दर्ज हुआ था। जेल के अंदर ही सांवले रंग और उसके गांव जठेड़ी के चलते उसे काला जठेड़ी नाम मिला। यहीं से उसका कनेक्शन कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ हुआ और देखते ही देखते वो उसका खासमखास बन गया। लॉरेंस के गैंग में रहते हुए ही काला जठेड़ी की मुलाकात अनुराधा से हुई और कुछ समय बाद दोनों ने गुपचुप तौर पर शादी कर ली। इसके बाद सामाजिक तौर पर काला जठेड़ी और अनुराधा ने 12 मार्च को सात फेरे लिए।
