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सुप्रीम कोर्ट ने बदला रुख, छुट्टियों में भी खूब सुनवाई, 1170 केस किए क्लियर

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नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की लंबी छुट्टियां देने की परंपरा अभी भी चली आ रही है, लेकिन, इस साल कुछ अलग हुआ है। करीब दो महीने की छुट्टियों के दौरान पहली बार रिकॉर्ड 20 बेंच लगाई गईं। इन बेंचों ने वकीलों की सहमति से इतने मामले सुलझा लिए कि छुट्टी के दौरान सुनवाई के लिए रखे गए मामलों की लिस्ट ही खत्म हो गई। बहुत से लोग सुप्रीम कोर्ट के जजों के काम के बोझ से अनजान होते हैं और गर्मी की लंबी छुट्टियों के लिए अक्सर उनकी आलोचना करते हैं। इस बारे में चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि लोग हमें सिर्फ सुबह 10:30 बजे से शाम 4 बजे तक कोर्ट में बैठे देखते हैं, जहां हम 40 से 60 मामलों की सुनवाई करते हैं। असल में, अगले दिन की सुनवाई के लिए तैयार होने के लिए हम जितना काम करते हैं, वह कोर्ट में सिर्फ केस सुनने के समय के मुकाबले कहीं ज्यादा होता है।

चीफ जस्टिस ने कहा कि हर जज अगले दिन की सुनवाई के लिए केस की फाइलें पढ़ने में बराबर समय लगाता है। फैसले सुनाने का काम हफ्ते के दफ्तरी दिनों में होता है। शनिवार को हर जज फैसलों को लिखने (डिक्टेट करने) का काम करता है। रविवार को हम सब आने वाले सोमवार की सुनवाई के लिए तयशुदा केस पढ़ते हैं। इस तरह, बिना किसी छुट्टी के, सुप्रीम कोर्ट का हर जज हफ्ते के सातों दिन काम करता है।

गर्मियों की छुट्टियों में खूब निपटाए गए केस, 3 गुना की वृद्धि
न्यायालय में गर्मी की छुट्टियों के बाद सोमवार से नियमित कामकाज फिर से शुरू हो गया है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच अगले कुछ हफ्तों में फैसले सुनाएंगी। इन फैसलों में 3 फैसले 9 जजों की बेंच द्वारा, 2 फैसले 7 जजों की बेंच द्वारा और 2 फैसले 5 जजों की बेंच द्वारा सुनाए जाएंगे। गौर करने वाली बात यह है कि छुट्टियों के दौरान निपटाए गए मामलों की संख्या में पिछले साल की तुलना में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। इस साल छुट्टियों में लगभग 1170 मामले सुलझाए गए थे, जबकि 2017 में यह संख्या 461 के आसपास थी।

कौन से ऐसे मामले जिनपर आने वाले हफ्तों में होगा फैसला?
सुप्रीम कोर्ट में दशकों से कई महत्वपूर्ण मामले लंबित हैं, जिनमें से कुछ का फैसला आने वाले हफ्तों में हो सकता है। इनमें से एक विवाद ये है कि क्या औद्योगिक शराब को नशीली शराब माना जा सकता है, और दूसरा ये है कि क्या निजी संपत्ति को सामुदायिक संपत्ति के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ देश-विदेश में सम्मेलनों में भाग लेने और प्रशासनिक कार्यों को निपटाने के अलावा, अपने नेतृत्व वाली बेंचों के 18 मामलों में फैसलों पर काम कर रहे हैं। इन 18 मामलों से जुड़ी कुल 176 याचिकाएं हैं। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि, “अन्य सुप्रीम कोर्ट के जजों ने भी 190 मामलों में फैसले सुरक्षित रखे हैं, जिनसे जुड़ी 786 याचिकाएं हैं। वे भी इन फैसलों पर लगातार काम कर रहे हैं ताकि अदालत खुलने के कुछ हफ्तों के भीतर फैसले सुनाए जा सकें।

आंकड़े बता रहे सूरत-ए-हाल
पिछले छह सालों (2023 से पहले) में, गर्मी की छुट्टियों के दौरान औसतन 1380 मामले दर्ज किए जाते थे। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि 2023 और 2024 में क्रमशः 2261 और 4160 मामले गर्मी की छुट्टियों वाली बेंचों के सामने पेश किए गए। गौर करने वाली बात ये है कि निपटाए गए मामलों की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ है। 2017 के आंकड़ों के मुकाबले, इस साल गर्मी की छुट्टियों के दौरान करीब तीन गुना ज्यादा मामले निपटाए गए। रजिस्ट्री के अनुसार, 2023 से पहले गर्मी की छुट्टियों में औसतन 461 मामले निपटाए जाते थे, 2023 की गर्मी की छुट्टियों में, सुप्रीम कोर्ट ने 751 मामले निपटाए, जो इस साल बढ़कर 1170 हो गए। इसके अलावा, गर्मी की छुट्टियों के दौरान अवकाश पीठों ने इस साल 1157 मामलों में नोटिस जारी किए।

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