10.6 C
London
Thursday, April 23, 2026
Homeराष्ट्रीयअरविंद केजरीवाल को ED केस में SC से अंतरिम जमानत, लेकिन नहीं...

अरविंद केजरीवाल को ED केस में SC से अंतरिम जमानत, लेकिन नहीं हो सकेंगे रिहा, मामला बड़ी बेंच को गया

Published on

नई दिल्ली,

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है. लेकिन ईडी की ओर से उनकी गिरफ्तारी के मामले को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी बेंच को सौंप दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका को बड़ी बेंच के पास भेज दिया है. अब सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई करेगी. इस मामले में चीफ जस्टिस तीन जज नियुक्त करेंगे. केजरीवाल को तब तक अंतरिम जमानत दी गई है, जब तक मामला बड़ी बेंच के समक्ष लंबित रहेगा.इस वज से फिलहाल केजरीवाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे. वह मौजूदा समय में सीबीआई की कस्टडी में हैं लेकिन उन्हें जमानत ईडी केस में मिली है. ऐसे में अभी वह जेल में ही रहेंगे.

सिर्फ पूछताछ से गिरफ्तारी नहीं हो सकती
जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने अपने फैसले मे तीन सवाल तय करते हुए मामले को बड़ी बेंच के समक्ष भेजा है. केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें निचली अदालत के द्वारा घोटाले मामले मे केजरीवाल को दिए गए समन को सही माना था.कोर्ट ने कहा कि केजरीवाल को उनकी गिरफ्तारी के कारण पद छोड़ने का निर्देश नहीं दे सकती हैं, यह उनका खुद का फैसला होगा. साथ ही अदालत ने ये भी कहा कि सिर्फ पूछताछ के आधार पर गिरफ्तारी की अनुमति नहीं दी जा सकती है.

कोर्ट ने क्या-क्या कहा?
केजरीवाल को अंतरिम जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री 90 दिनों से अधिक समय तक जेल में रहे हैं. वह चुने हुए नेता हैं और वह इस पद पर बने रहेंगे या नहीं, इसका फैसला वही करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने फैसले में चुनावी फंडिंग को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं.

कोर्ट ने पीएमएलए की धारा 19 और 45 के तहत ईडी के अधिकारों का हवाला दिया है. अदालत ने पीएमएलए की धारा 19 के प्रावधानों के पालन को लेकर भी सवाल खड़ा किया है.

कोर्ट ने कहा कि हमने जमानत के सवाल को एग्जामिन नहीं किया है बल्कि पीएमएलए की धारा 19 के मापदंड़ों को परखा है. इन धाराओं की विस्तृत व्याख्या करने की जरूरत है. पीएमएलए की धारा 19 में गिरफ्तारी के नियमों की भी व्याख्या करने की जरूरत है. हमने पीएमएलए की धारा 19 और धारा 45 के बीच अंतर को समझाया है. पीएमएलए की धारा 19 अधिकारियों की व्यक्तिपरक राय है और इसकी न्यायिक समीक्षा हो सकती है. वहीं, धारा 45 का उपयोग अदालत ही कर सकती है.

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 19 ईडी को ये अधिकार देती है कि अगर सबूतों के आधार पर एजेंसी को लगता है कि कोई व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी है तो वो उसे गिरफ्तार कर सकती है. ऐसी गिरफ्तारी के लिए एजेंसी को बस आरोपी को कारण बताना होता है.

वहीं, केजरीवाल के वकील विवेक जैन ने बताया कि सीबीआई मामले में 17 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई है. इस मामले में फैसला आने के बाद ही पता चल सकेगा कि क्या केजरीवाल बाहर आएंगे या नहीं? हालांकि, केजरीवाल के जेल से बाहर आने की संभावनाएं प्रबल हैं.

कोर्ट ने कई सवाल उठाए हैं. पहला ये कि गिरफ्तारी की जरूरत क्या थी? हम कोर्ट के समक्ष पहले ही बता चुके हैं कि ईडी को जुलाई-अगस्त 2023 से ही इस मामले में सब कुछ पता था तो फिर मार्च 2024 में केजरीवाल की गिरफ्तारी क्यों की गई? कोर्ट ने इस पर गौर किया.

विवेक जैन ने कहा कि जहां तक ईडी के मामले की बात है, तो इस मामले में कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत दे दी है जबकि सीबीआई के मामले में 17 जुलाई को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. हम हाईकोर्ट में भी चाहेंगे कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए.

सुप्रीम कोर्ट से केजरीवाल को अंतरिम जमानत दिए जाने के बाद आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट कर सत्यमेव जयते कहा. वहीं, पार्टी के बड़े नेता संजय सिंह ने कहा कि झूठे केस लगाकर सच को कब तक कैद में रखोगे मोदी जी पूरा देश आपकी तानाशाही देख रहा है. ईडी कोर्ट हो या सुप्रीम कोर्ट सब मानते हैं कि अरविंद केजरीवाल को ईडी ने झूठा फंसाया है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला सत्य की जीत है. तानाशाही मुर्दाबाद.

आम आदमी पार्टी के एक और बड़े नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पहले जज न्याय बिंदु ने ईडी मामले में बेल दी, अब देश की सबसे बड़ी अदालत ने अरविंद केजरीवल जी को अंतरिम जमानत दी. बीजेपी की केंद्र सरकार को बड़ी सीख दी है न्यायालय ने. केंद्र अब भी मनमानी करेगा तो घमंड और टूटेगा.

केजरीवाल को पहली बार 10 मई को मिली थी जमानत
सुप्रीम कोर्ट से अरविंद केजरीवाल को 10 मई को अंतरिम जमानत मिली थी. सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को चुनाव प्रचार करने के लिए एक जून तक की अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. इसके बाद उन्होंने 2 जून को सरेंडर कर दिया था.इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. दिल्ली के कथित शराब घोटाले में केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था.

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सादगी और सेवा के साथ 62वां जन्मदिन मनाया

जशपुर/बगिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को अपना 62वां जन्मदिन अपने गृह...

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल स्टेट बनेगा राजस्थान: हर जिले में खुलेंगे ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल्स’

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के शारीरिक स्वास्थ्य के...

सीएम मान का कैंसर अस्पताल में औचक निरीक्षण, बोले- रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं से लैस होगा संस्थान

बठिंडा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में कैंसर के इलाज को विश्व-स्तरीय...

सीएम मान ने तलवंडी साबो में किया नई एसडीएम बिल्डिंग का उद्घाटन, अकाली दल पर साधा निशाना

तलवंडी साबो। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में...

More like this

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...