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Wednesday, May 6, 2026
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नाटो के डर से साथ आए रूस-चीन, जवाब देने के लिए शुरू किया युद्धाभ्यास, बढ़ेगा तनाव

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बीजिंग:

अमेरिका में नाटो की मीटिंग के जवाब में अब रूस ने बड़ा फैसला लिया है। चीन के दक्षिणी तट के करीब रूस जिनपिंग की नौसेना के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहा है। इसके साथ जापान ने रूस के साथ चीन के मजबूत संबंधों से बढ़ते खतरे को लेकर चेतावनी दी है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दोनों सेनाओं ने जुलाई की शुरुआत में जॉइंट सी-2024 नामक अभ्यास शुरू किया था और वह इस महीने के मध्य तक चलेगा। मंत्रालय ने कहा, ‘दक्षिणी गुआंग्डोंग प्रांत के एक शहर झानजियांग के आसपास जल और हवाई क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा से जुड़े खतरों से संयुक्त रुप से निपटने का प्रदर्शन दोनों पक्ष करेंगे।’

बयान में कहा गया कि यह अभ्यास नए युग के लिए चीन-रूस के बीच समन्वय की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगा। मंत्रालय के अनुसार यह रूस और चीन की सैन्य भागीदारी की वार्षिक योजना के अनुसार हो रहा है। यह घोषणा उसी सप्ताह हुई जब नाटो नेताओं ने अमेरिका में मीटिंग की ताकि वह यूक्रेन के पक्ष में समर्थन जुटा सकें। चीन और रूस हाल के वर्षों में करीब आए हैं और अब वह ‘नो लिमिट फ्रेंडशिप’ की बात करते हैं। यानी उनकी दोस्ती की कोई सीमा नहीं है। दोनों का नाटो से शत्रुतापूर्ण संबंध है।

नाटो पर भड़का चीन
नाटो नेताओं ने बुधवार को एक घोषणा में कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले में चीन एक ‘निर्णायक समर्थक’ बन गया है, जिसके बाद चीन ने नाटो को टकराव को भड़काने की चेतावनी दी है। चीन ने इस ‘भड़काऊ’ बयान के लिए कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया। चीन ने नाटो को कहा कि वह एशिया में ऐसी ‘अराजकता’ न फैलाए। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका में नाटो के शिखर सम्मेलन में जारी घोषणापत्र के चीन से संबंधित अंश ‘पूर्वाग्रह से ग्रसित, भड़काऊ और आक्षेप वाले’ हैं।

सैन्य अभ्यास की आलोचना
नाटो समिट में चीन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा गया कि चीन, रूस के साथ अपनी तथाकथित ‘बिना सीमा वाली साझेदारी’ और रूस के रक्षा औद्योगिक आधार का बड़े पैमाने पर समर्थन करने के माध्यम से यूक्रेन के खिलाफ उसके युद्ध में निर्णायक रूप से बढ़ावा देने वाला बन गया है। रूस के करीबी सहयोगी बेलारूस के साथ चीन के सैन्य अभ्यास की, खासतौर पर नाटो के सदस्य देश पोलैंड की सीमा के करीब सैन्य अभ्यास की नाटो ने तीखी आलोचना की। रूस के बाद चीन नाटो की आलोचना का केंद्रबिंदु बनता हुआ दिख रहा है।

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