भारतीय मूल की एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स की हड्डियों से कैल्शियम झड़ रहा है। इस स्थिति को बोन डेंसिटी लॉस कहा जाता है। इसमें हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी हो जाती है। दरअसल सुनीता विलियम्स साथी एस्ट्रोनॉट बुच विलमोर के साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गई थीं।
दोनों एस्ट्रोनॉट 8 जून को आईएसएस पहुंचे थे और 14 को वापिस लौटना था। मगर स्पेसक्राफ्ट में हीलियम लीक होने की वजह से वो पिछले कई दिनों से स्पेस में फंसे हुए हैं। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान सुनीता विलियम्स को कई सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति दोनों अंतरिक्षयात्रियों की जान के लिए खतरा साबित हो सकती है। हालांकि नासा दोनों को वापिस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स की हड्डियां हो रही कमजोर
रिपोर्ट के मुताबिक स्पेस में ग्रेविटी नहीं होती, जिसे माइक्रोग्रेविटी कहा जाता है। इसकी वजह से हड्डियों और मांसपेशियों के टिश्यू तेजी से खत्म होने लगते हैं। स्पेस में धरती की तरह हड्डियों पर वजन का प्रेशर नहीं पड़ता है जिसके कारण बोन डेंसिटी और तेजी से कम होने लगती है।
माइक्रोग्रेविटी के कारण होने वाले रोग
शरीर के फ्लूइड वॉल्यूम में कमी
चेहरे व पैर में सूजन
किडनी स्टोन का खतरा
बॉडी बैलेंस और कॉर्डिनेशन कम होना
आंखें खराब होने का डर
रेडिएशन से डीएनए डैमेज का खतरा
