नई दिल्ली
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी विभाव कुमार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विभब कुमार को अभी तिहाड़ जेल में ही रहना होगा। तीस हजारी कोर्ट ने AAP सांसद स्वाति मालीवाल मारपीट मामले में शनिवार को विभव कुमार की न्यायिक हिरासत 13 सितंबर तक बढ़ा दी। विभाव कुमार पर IPC की धारा 308, 354, 354B, 506, 509, 341 और 201 के तहत आरोप लगे हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान, न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) गौरव गोयल ने विभव कुमार की याचिका पर जांच अधिकारी से जवाब मांगा। दरअसल, विभाव कुमार ने अपने वकील को मुहैया कराई गई चार्जशीट और अन्य दस्तावेजों के उचित पेजिनेशन की मांग की थी। विभाव कुमार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने 16 जुलाई को 500 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी, जिसे अदालत ने 30 जुलाई को स्वीकार कर लिया था। चार्जशीट में विभव कुमार का मोबाइल फोन, सिम कार्ड और मुख्यमंत्री आवास पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जैसे सबूत शामिल हैं।
पुलिस ने इस मामले में 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है और 50 लोगों को गवाह बनाया है। फिलहाल मामला दस्तावेजों की जांच के चरण में है। विभव कुमार की जमानत याचिकाएं निरंतर खारिज होती रही हैं। निचली अदालत और हाईकोर्ट दोनों ने उनकी याचिकाएं ठुकरा दी हैं। स्वाति मालीवाल ने 18 मई को विभव कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 13 मई की सुबह मुख्यमंत्री आवास पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इसके बाद विभव कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था। अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी और विभव कुमार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही पेश किया जाएगा।
