नई दिल्ली
चुनाव आयोग ने शनिवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख में बदलाव किया है। चुनाव आयोग ने हरियाणा में एक चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख बदलकर 5 अक्टूबर कर दी है। इससे पहले मतदान 1 अक्टूबर को होना था। चुनाव आयोग ने कहा, ‘यह निर्णय बिश्नोई समुदाय के मताधिकार और परंपराओं का सम्मान करने के लिए लिया गया है, जिन्होंने अपने गुरु जम्भेश्वर की स्मृति में आसोज अमावस्या उत्सव मनाने की सदियों पुरानी प्रथा को कायम रखा है।’ आयोग की अधिसूचना में कहा गया है, ‘इससे बड़ी संख्या में लोगों की वोटिंग का अधिकार प्रभावित हो सकता है और इससे हरियाणा विधानसभा के आम चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी कम हो सकती है।’
इससे पहले बिश्नोई महासभा की ओर से अनुरोध किया था कि पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के कई परिवार एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा का पालन कर रहे हैं। यह समुदाय गुरु जम्भेश्वर की स्मृति में बीकानेर जिले में होने वाले वार्षिक उत्सव के लिए ‘आसोज’ महीने की अमावस के दौरान राजस्थान में अपने पैतृक गांव मुकाम का दौरा करते हैं। इस साल यह त्योहार 2 अक्टूबर को होगा और सिरसा, फतेहाबाद और हिसार में रहने वाले हजारों बिश्नोई परिवार मतदान के दिन राजस्थान की यात्रा करेंगे, जिससे वह मतदान के अधिकार से वंचित हो जाएंगे।
‘आसोज अमावस्या’ के बारे में जानिए
आसोज अमावस्या, बिश्नोई समाज का एक खास त्योहार है। यह त्योहार, बिश्नोई समाज के संस्थापक गुरु जम्भेश्वर की याद में मनाया जाता है। हर साल 2 अक्टूबर को यह त्योहार मनाया जाता है। गुरु जम्भेश्वर ने राजस्थान के बीकानेर जिले के मुकाम गांव में समाधि ली थी। इस जगह को अब मुक्ति धाम कहा जाता है। बिश्नोई समाज के लोग गुरु जम्भेश्वर की याद में आसोज अमावस्या पर उत्सव मनाते हैं।मुकाम मंदिर में हर साल दो मेलों का आयोजन किया जाता है। पहला फाल्गुन अमावस्या पर और दूसरा आसोज अमावस के दिन। मान्यता है कि फाल्गुन अमावस्या पर मेले का आयोजन बहुत पहले से चला आ रहा है। लेकिन आसोज की अमावस का मेला संत विल्होजी ने 1591 ई. में शुरू किया था। बिश्नोई समाज में यह मान्यता है कि यहां निस्वार्थ भाव से सेवा करने वालों को मोक्ष मिलता है।
चुनाव और काउंटिंग का नया शेड्यूल क्या है?
चुनाव आयोग ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख में बदलाव किया है। चुनाव आयोग ने हरियाणा में एक चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख बदलकर 5 अक्टूबर कर दी है। इससे पहले मतदान 1 अक्टूबर को होना था। अब वहां 1 अक्टूबर की जगह 5 अक्टूबर को वोटिंग होगी। वहीं जम्मू-कश्मीर में मतदान तीन चरणों में होगा, पहला चरण 18 सितंबर को, दूसरा चरण 25 सितंबर को और तीसरा और अंतिम चरण 1 अक्टूबर को होगा। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा दोनों के चुनाव परिणाम 8 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने बिश्नोई समुदाय के सदियों पुराने त्योहार का हवाला देते हुए शनिवार को हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना की तारीख 8 अक्टूबर कर दी है।
