नई दिल्ली,
मोबाइल पर एक मैसेज फ्लैश हुआ, 820 से ज्यादा वीडियो सिर्फ 99 रुपये में… जाहिर है कि ये मैसेज रेप वीडियो बेचने का एक विज्ञापन था जो बताता है कि देश में रेप वीडियो की भी धड़ल्ले से बिक्री होती है और यह एक भयावह काला सच है.
बीते अगस्त में कोलकाता रेप-मर्डर केस सुर्खियों में रहा. पीड़िता के लिए न्याय की मांग को लेकर लोग अभी भी सड़कों पर हैं और इस पर लगातर सियासत भी हावी है. लगातार हुए प्रदर्शनों के दौरान, रात के अंधेरे में न्याय की मांग की प्रतीक जलती मशालें और मोबाइल फोन्स की रोशनी में लोगों के चेहरे चमक रहे थे, और इसी रोशनी के ठीक पीछे सफर कर रहा था वो स्याह काला सच. प्रदर्शनों के बीच भारत के एक अन्य हिस्से में, मोबाइल फोन पर “कम दाम में रेप वीडियो उपलब्ध” जैसे मैसेज फ्लैश हो रहे थे. इनमें दुष्कर्म, बाल यौन शोषण और अन्य परेशान करने वाले वीडियो कंटेंट शामिल थे.
रेप वीडियो की बिक्री नई बात नहीं
रेप वीडियो की बिक्री नई नहीं है, लेकिन इंटरनेट के आने के साथ यह और आसान हो गई है. पहले ये वीडियो सीडी और पेन ड्राइव के जरिए शेयर होते थे, लेकिन अब इन्हें बेचने वाले एन्क्रिप्टेड ऐप्स का उपयोग कर रहे हैं. टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर ये वीडियो अब आसानी से मिल जाते हैं, और भुगतान ऑनलाइन मोड जैसे क्रेडिट कार्ड, Paypal और UPI के जरिए से किया जा सकता है.
इंडिया टुडे ने इन मामलों पर गूगल ट्रेंड्स डेटा की समीक्षा की तो सामने आया कि जब भी कोई रेप का मामला सुर्खियों में आता है, तो ‘रेप वीडियो’ के सर्च भी बढ़ जाते हैं. चाहे कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेप-मर्डर का मामला हो, या इसके पहले जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यौन हमले के आरोप हों, या मणिपुर में महिलाओं की नग्न परेड का मामला… हर घटना के बाद संबंधित वीडियो की सर्च काफी बढ़ गई थीं.
रेप वीडियो की बिक्री का है विशाल बाजार
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले पर कहते हैं कि “रेप वीडियो का एक विशाल बाजार है, और हमने केवल iceberg का सिर देखा है.” ये वीडियो हिंसात्मक यौन सामग्री के बड़े हिस्से का भी एक छोटा हिस्सा हैं और इसमें मांग-और-सप्लाई चेन का खेल चल रहा है. लोग आसानी से दूसरों को हिंसा का सामना करते हुए देख सकते हैं, जो हमारे सामाजिक सिस्टम की एक गंभीर समस्या को दर्शाता है.
कोलकाता में 9 अगस्त को प्रशिक्षु डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद, गूगल सर्च में कीवर्ड्स जैसे ‘rg kar वायरल वीडियो’, ‘dr ****** ****** video’, and ‘dr ******* ****** video real’ ने वृद्धि देखी है. इसी प्रकार की खोजें पूर्व जद (सेकुलर) सांसद प्रज्वल रेणना के खिलाफ यौन हमले के आरोप के बाद भी देखी गई हैं.
कोलकाता, कांड, प्रज्वल रेवन्ना और मणिपुर… हर केस में खोजे गए रेप वीडियो
यह रिपोर्ट बलात्कार वीडियो की बिक्री और इंटरनेट पर उसकी पहुंच की भयावह स्थिति को उजागर करती है. समाज को इस काली दुनिया का सामना करने और इसके खिलाफ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घृणित सामग्री की बिक्री और खोज को रोका जा सके. गूगल ट्रेंड्स के डेटा से पता चला है कि प्रज्वल रेवन्ना मामले के बाद ‘prajwal revanna video’ और ‘prajwal revanna video download’ जैसे कीवर्ड्स की खोज में तेजी से वृद्धि हुई है. इस घटना के बाद 3,000 से अधिक वीडियो क्लिप्स और फोटो लीक हुए, जिसने पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया.
इसी तरह का ट्रेंड मणिपुर में महिलाओं के साथ हुए बर्बर बलात्कार और उन्हें नग्न परेड कराने के मामले के बाद भी देखा गया. इस घटना के बाद ‘Manipur women video’ और ‘Manipur women parade video download’ जैसे कीवर्ड्स की खोजों में भी भारी वृद्धि देखी गई.
इस प्रकार की सामग्री की खोज केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से भी उपयोगकर्ताओं द्वारा इसे खोजा जा रहा है. हर मामले में अपराध के वास्तविक वीडियो मौजूद नहीं होते, लेकिन ऑनलाइन रेप वीडियो बेचने वाले विक्रेता इन कीवर्ड्स का इस्तेमाल करते हैं ताकि वे असंबंधित यौन उत्पीड़न और अन्य अश्लील सामग्री बेच सकें.
