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दिल्ली : नाले में डूबने से मां-बेटे की गई थी जान, कोर्ट के आदेश पर DDA देगा पीड़ित परिजनों को 20 लाख मुआवजा

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नई दिल्ली:

दिल्ली के गाजीपुर में 31 जुलाई की शाम भारी बारिश के बाद बड़ी घटना सामने आई थी जब एक मां-बेटे की मौत निर्माणाधीन नाले में गिरकर हो गई थी। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में पीड़ित परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को आदेश दिया कि वह जुलाई में यहां खुले नाले में गिरकर मौत के मुंह में समा गए मां-बेटे के कानूनी उत्तराधिकारियों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दे।

कोर्ट में क्या हुआ
डीडीए के वकील ने शुरू में कहा कि प्राधिकरण पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर 15 लाख रुपये देने को तैयार है। हालांकि, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने डीडीए को 20 लाख रुपये देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने इसके साथ ही कहा कि यही राशि ‘मानक’ है। पीठ में न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला भी शामिल थे। कोर्ट का आदेश आने के बाद गाजीपुर की घटना में जान गंवाने वाली तनुजा और बेटे प्रियांश के कानूनी उत्तराधिकारियों को डीडीए 20 लाख रुपये देने को तैयार है।

जानिए पूरा मामला
अदालत मयूर विहार फेज-3 निवासी झुन्नू लाल श्रीवास्तव की ओर से दायर उस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें ठेकेदार और डीडीए अधिकारियों के खिलाफ उनकी कथित लापरवाही के लिए कार्रवाई की मांग की गई थी। ठेकेदार और डीडीए अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही महिला और उसके तीन-वर्षीय बेटे की मौत हो गई थी। 31 जुलाई को हुई उस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने दलील दी थी कि मौतों से संबंधित आपराधिक मामले में एक चार्जशीट तैयार की गई है। इसमें जिम्मेदार अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए सक्षम अधिकारियों से मंजूरी मिलने के बाद फाइनल चार्जशीट दायर की जाएगी।

डीडीए को कोर्ट ने दिए क्या आदेश
पुलिस के वकील ने पहले अदालत को बताया था कि यह डीडीए का एक ठेकेदार था, जिसने वहां कुछ काम करने के बाद घटनास्थल पर नाले को खुला छोड़ दिया था। अधिकारियों की ओर से अपनाए गए रुख को देखते हुए अदालत ने पाया कि आगे किसी आदेश का अनुरोध नहीं किया गया था, इसलिए इसने मामले में कार्रवाई बंद कर दी। पीठ ने एमसीडी के इस आश्वासन को भी रिकॉर्ड पर दर्ज किया कि जिस क्षेत्र में यह घटना हुई थी, वहां सभी मरम्मत, पुनर्विकास और निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे।

कोर्ट ने एमसीडी को दिए सफाई के आदेश
अदालत ने नालियों की तस्वीरें देखने के बाद कहा कि यह जगह अब भी काफी गंदी है। नगर निगम से कहा गया कि वह इसे साफ करवाए, क्योंकि दिल्ली में डेंगू फैल रहा है। कोर्ट ने पिछले महीने मां-बेटे की मौत पर डीडीए को फटकार लगाई थी, क्योंकि उसने पाया था कि अधिकारियों ने ठेकेदार द्वारा किये गये काम की निगरानी नहीं की, जिसने कथित तौर पर नाले के कुछ हिस्सों को खुला छोड़ दिया था। इसके बाद अदालत ने डीडीए के वकील से कहा कि वह अगली सुनवाई की तारीख से पहले पीड़ित परिवार को मुआवजे के भुगतान के बारे में अपने मुवक्किल से निर्देश लेकर आयें।

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