8.2 C
London
Wednesday, May 6, 2026
Homeराष्ट्रीयदिल्लीः 400 साल पुराने बारापूला ब्रिज के पास झुग्गियां हटाने की प्रक्रिया...

दिल्लीः 400 साल पुराने बारापूला ब्रिज के पास झुग्गियां हटाने की प्रक्रिया शुरू, PWD ने दिया अल्टीमेटम, BJP का विरोध

Published on

नई दिल्ली,

दिल्ली के 400 साल पुराने मुगलकालीन बारापूला ब्रिज के पास बनीं झुग्गियों को हटाने के लिए PWD ने नोटिस जारी किया है. इसका कारण जलभराव और ब्रिज का पुनरुद्धार बताया गया है. 1628 में बने इस पुल का ऐतिहासिक महत्व है. ASI को दिल्ली के LG ने ब्रिज को उसके पुराने स्वरूप में लाने को कहा है. करीब 200 झुग्गियां इस इलाके में हैं, जिन्हें हटाने के लिए 5 दिनों का समय दिया गया है, जिसकी मियाद 11 सितंबर को पूरी हो रही है. बीजेपी के झुग्गी झोपड़ी सेल ने इसको लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है. बीजेपी ने 200 परिवारों को हटाने के पीछे केजरीवाल सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह PWD मंत्री के आवास का घेराव करेंगे.

विरोध प्रदर्शन कर रहे झुग्गी झोपड़ी सेल के सुशील चौहान ने दावा किया कि मोदी सरकार में झुग्गी झोपड़ी के लोगों को कालका जी, अशोक विहार,कठपुतली कॉलोनी में मकान दिया गया लेकिन आम आदमी पार्टी लोगों को घरों से बेदखल कर रही है.

दरअसल, बारापूला ड्रेन के आसपास करीब 200 झुग्गी होने से मानसून सीजन में जलभराव होता है. इसके आसपास लोग 40-50 सालों से रह रहे हैं. करीब 400 साल से अधिक पुराने मुगलकालीन बारापूला ब्रिज के पास बनीं 150-200 झुग्गियां हटाने के लिए PWD ने नोटिस जारी किया है. कहा गया है कि बारापूला ड्रेन के आसपास एनक्रोचमेंट के चलते ही आसपास की सड़कों पर जलभराव की गंभीर समस्या है. इसके अलावा पुरातत्व विभाग का ब्रिज को उसके पुराने स्वरूप में लाने का भी प्लान है, जिसके लिए भी झुग्गियां हटानी जरूरी बताया गया है.

1628 में बना था यह पुल
अफसरों का कहना है कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) को LG ने मुगलकालीन इस पुराने ब्रिज को पुराने स्वरूप में लाने को कहा है. इसके चलते ब्रिज के आसपास के अतिक्रमण को हटाने का प्लान है.

ऐसे पड़ गया बारापूला नाम
करीब 400 साल पहले मुगल बादशाह जहांगीर के संरक्षण में मीनार बानू आगा ने इस ब्रिज को बनवाया था. इसके 12 खंभों और 11 मेहराबों के कारण इसे बारापूला नाम दिया. यह पुल 1628 में बनाया गया था. पुल और इसके पास बने हुमायूं के मकबरे के बीच एक रास्ता बना हुआ था, जिसके दोनों तरफ पेड़ लगे हुए थे. इसे दिल्ली के सबसे खूबसूरत पुलों में से एक माना जाता था. ऐसा माना जाता है कि मुगलों ने तत्कालीन राजधानी आगरा से निजामुद्दीन दरगाह और हुमायूं के मकबरे तक पहुंचने के लिए रास्ते में यमुना नदी को पार करने के लिए बनवाया था.

 

Latest articles

संजू सैमसन ने डेविड वॉर्नर को पीछे छोड़ा, अब AB de Villiers की बारी, जड़े इस साल 21 छक्के

नई दिल्ली। संजू सैमसन इस समय ज़बरदस्त फॉर्म में हैं। मंगलवार को उन्होंने दिल्ली...

भोपाल-इंदौर मेट्रो में अब ₹7000 में कर सकेंगे प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थ-डे सेलिब्रेशन

भोपाल। भोपाल और इंदौर मेट्रो में अब प्री-वेडिंग शूट, फिल्म की शूटिंग और बर्थडे...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...

ममता बोलीं- मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, चुनाव आयोग असली विलेन, भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस...

More like this

ममता बोलीं- मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, चुनाव आयोग असली विलेन, भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस...

बंगाल में नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को, सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार!

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के...

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...