इटावा
यूपी के इटावा में बीते 11 नवंबर को एक ऐसी वारदात हुई जिसे जिसने भी सुना दंग रह गया। दरअसल, खबर आई कि एक आभूषण कारोबारी ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों की हत्या कर दी। इसके बाद खुद आत्महत्या करने के इरादे से रेलवे पटरी पर लेट गया और ट्रेन आने का इंतजार करने लगा। कारोबारी को ऐसा करते देख राहगीरों ने हल्ला मचाया और उसको रेलवे पटरी से हटा लिया गया। इस दौरान उसे थोड़ी बहुत चोट भी आई। पुलिस ने पूरे मामले की छानबीन शुरू की। अब जो कहानी सामने आई है, उसे जानकर आप और हैरान रह जाएंगे।
इस घटना के सामने आने के बाद लोग अंदेशा जताने लगे थे कि शायद कारोबार में घाटा होने की वजह से व्यापारी मुकेश वर्मा ने ऐसा लोमहर्षक कदम उठाया होगा। लेकिन पुलिस जांच में कुछ और ही सच्चाई सामने आई थी। दरअसल, कारोबारी मुकेश वर्मा तीसरी शादी करने की फिराक में था। 40 साल की रेखा उसकी दूसरी पत्नी थी।
पत्नी की ममेरी बहन स्वाति सोनी से था प्रेम संबंध
पहली पत्नी की मौत 2005 में कैंसर से हो गई थी। तब से मुकेश के संबंध पहली पत्नी की ममेरी बहन स्वाति सोनी से चले आ रहे थे। परिवार वालों के दबाव में मुकेश ने रेखा से शादी तो कर ली, लेकिन स्वाति को भूल नहीं पाया। वह अक्सर दिल्ली दौरे के बहाने कानपुर जाकर स्वाति सोनी से मुलाकात करता था। पुलिस ने इस मामले में स्वाति को भी गिरफ्तार कर लिया है।
स्वाति से रिश्ते को लेकर घर में होता रहता था झगड़ा
पुलिस जांच के दौरान मुकेश के मोबाइल फोन से अहम सुराग लगा। मुकेश वर्मा एक नंबर पर लंबी बातचीत किया करता था। जब इसकी जांच हुई तो पता चला कि यह कानपुर में रहने वाली स्वाति सोनी का नंबर है। स्वाति सोनी से रिश्ते को लेकर मुकेश का अपनी दूसरी पत्नी रेखा से विवाद होता रहता था। इसलिए उसने पूरे परिवार को ठिकाने लगाकर नए सिरे से जिंदगी शुरू करने का इरादा बना लिया। साजिश के तहत उसने पहले पत्नी, फिर बेटियों भाव्या, काव्या और बेटे अभीष्ट को नशीली दवा खिलाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद तीनों को गला घोंटकर मार डाला।
दिन भर इधर से उधर घूमता रहा मुकेश वर्मा
इस वारदात को सुबह 4 से पांच बजे के बीच अंजाम देकर मुकेश वर्मा दिन भर शहर में इधर-उधर घूमता रहा। इसके बाद वह इटावा रेलवे स्टेशन के पास गया और रेलवे पटरी पर लेट गया। उसने सामने से आ रही मरुधर एक्सप्रेस ट्रेन के सामने कूदने का भी प्रयास किया पर लोगों ने उसे बचा लिया। दूसरी ओर, पुलिस पूछताछ में स्वाति सोनी ने बताया कि 11 नवंबर को सुबह आठ बजे मुकेश वर्मा उससे मिलने इटावा रेलवे स्टेशन पर आया था।
