पटना
राजधानी पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने एक बड़ा इशारा किया है। इसे लेकर राजनीतिक चर्चा का बाजार गर्म हो चुका है। तेजस्वी की इस प्रतिक्रिया पर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उन्होंने सियासी कर्टसी में इस तरह का बयान दिया है। लेकिन बताया जा रहा है कि तेजस्वी यादव का ये बयान बिहार में सियासी तूफान लाएगा। सबसे पहले बात करते हैं कि तेजस्वी यादव ने आज पटना में मीडिया से बातचीत में क्या कहा?
नीतीश पर बरसे तेजस्वी
तेजस्वी यादव नीतीश कुमार पर बरसते हुए नजर आए। सबसे पहले उन्होंने कहा कि बिहार में सरकार है कि नहीं पहले इस पर चर्चा हो जाए। ये जनता की सरकार है या लाठी डंडे वाली सरकार है। भ्रष्ट अधिकारियों की सरकार है। अगर सरकार है, तो ये सरकार चला कौन रहा है। हमको लग रहा है कि माननीय मुख्यमंत्री होश में नहीं हैं। यहां बच्चे लाठी डंडा खा रहे हैं। सीने पर लाठियों के दाग हैं। घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। लोगों के आंख में आंसू है। ये देखकर मुख्यमंत्री की आत्मा को कोई फर्क नहीं पड़ता। कोई दुख नहीं।
बिहार सरकार से सवाल
तेजस्वी ने आगे कहा कि यही सत्रह महीने जब हम लोगों की सरकार थी। इन युवाओं के चेहरे पर खुशी थी। कोई पेपर लीक नहीं हुआ। पांच लाख लोगों को नौकरी मिली। आज की सरकार में लोगों और नौजवानों की आंख में आंसू है। पीठ पर लाठी का दाग है। कुछ अस्पताल में हैं। ये है एनडीए की सरकार। कौन ये सरकार चला रहा है। यहां केवल भ्रष्ट अधिकारी सरकार चला रहे हैं। चंद चमचे- बेलचे मुख्यमंत्री के आगे पीछे, दो यहां और दो वहां। ये अपने मतलब के लिए काम कर रहे हैं। बाकी बिहार को इन्होंने छोड़ दिया है अपने हालात पर।
पेपर लीक पर हमला
उन्होंने कहा कि क्या तरीका है, पेपर लीक हो रहा है। री एग्जाम नहीं कर रहे हैं। पहले बीपीएससी के लोगों को अपनी गलती माननी चाहिए। ये गलती क्यों नहीं मान रहे हैं। एक सेंटर का क्यों रद्द किया इन्होंने। रद्द किया, तो एक सेंटर का क्यों किया? सबका करना चाहिए था। फिर से एक तरह का नॉर्मलाइजेशन ही हो गया। ये युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। बीपीएससी के लोगों को ये समझना चाहिए। रिटायर्ड अधिकारी गड़बड़ कर रहा है।
नीतीश का समर्थन
नेता विरोधी दल के नाते हमने दो बार माननीय मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखा। ये लोकतंत्र है। नेता विरोधी दल अगर चिट्ठी लिखता है। मुख्यमंत्री को उसका जवाब देना पड़ता है। न सदन में कुछ बोलते हैं, न बाहर कुछ बोलते हैं। न मीडिया में कुछ बोलते हैं। ये मुख्यमंत्री हैं कि क्या हैं भाई? उसके बाद जब तेजस्वी यादव से पूछा गया कि क्या वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न दिये जाने का समर्थन करते हैं? उस पर तेजस्वी यादव ने मुस्कुराते हुए कहा कि एकदम मिलना चाहिए। इसमें क्या है।
