नई दिल्ली,
महाकुंभ में भगदड़ की घटनाओं के बाद और बसंत पंचमी के अमृत स्नान से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी तरह की घटना से बचने के लिए ‘जीरो एरर’ मैनेजमेंट पर फोकस करें. शनिवार को प्रयागराज में समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि अखाड़ों की पारंपरिक शोभा यात्रा भव्यता के साथ आयोजित की जानी चाहिए और सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जानी चाहिए.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज प्रयागराज में महाकुंभ के दौरे पर गए थे. यहां मेला प्रशासन के साथ मीटिंग करने के बाद कहा, “चाहे वे पूज्य संत हों, कल्पवासी हों, देश भर से आने वाले श्रद्धालु हों या घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटक हों, सभी की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जानी चाहिए.” उन्होंने अधिकारियों को शोभा यात्रा और श्रद्धालुओं के मूवमेंट्स के लिए रूट्स और शेड्यूल तय करने के निर्देश दिए हैं.
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि 2 और 3 फरवरी अहम होंगे और कहा कि प्रमुख स्नान दिवसों से पहले, उस दौरान या उसके बाद कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा. उन्होंने परिवहन विभाग को बसों की उचित पार्किंग सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया, ताकि अनावश्यक यातायात की भीड़-भाड़ को रोका जा सके और लोगों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की जा सके. सीएम ने सख्त लहजे में कहा, “लोगों की आवाजाही में बाधा नहीं आनी चाहिए.”
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि बसंत पंचमी के लिए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हों. त्योहार में सिर्फ एक दिन बचे होने की वजह से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तमाम अहम कदम उठाने के निर्देश दिए.
अमृत स्नान सुचारू रूप से संपन्न कराया जाए- सीएम
3 फरवरी को अमृत स्नान के महत्व पर जो देते हुए सीएम ने कहा कि इसे सुचारू रूप से संपन्न कराया जाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को मजबूत बैरियर लगाने, ऊंचे स्थानों पर साइनेज लगाने और उचित रौशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि रात के समय श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.
3 फरवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, सीएम ने अधिकारियों को हर जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए. उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों को प्रयाग जंक्शन पर आईईआरटी फ्लाईओवर से गुजरने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए. जहां जरूरी हो वहां बैरिकेड्स लगाए जाएं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भीड़ को रोकने के बजाय खुली जगहों पर ले जाया जा सके.
मुख्य मंत्री आदित्यनाथ ने कहा, “मेगा इवेंट के हर पहलू को सावधानी से व्यवस्थित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की गलती की गुंजाइश न रहे.” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पार्किंग की जगह बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि संगम स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कम से कम पैदल चलना पड़े. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रमुख स्थानों पर ट्रांसपोर्टेशन मैनेजमेंट के लिए एसपी स्तर तक के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को नियुक्त किया जाए.
