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फर्स्ट क्लास ही नहीं चार्टर्ड फ्लाइट से भी महंगा… 104 भारतीयों को भेजने में ट्रंप ने पानी की तरह बहाया पैसा

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वॉशिंगटन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गैर कानूनी तरीके से अपने देश में रह रहे लोगों को निकालने के लिए अभियान चला रखा है। इस कड़ी 104 भारतीयों को अमेरिका से भेजा गया है। अमेरिकी सैना का विमान बुधवार को 104 भारतीय नागरिकों को लेकर अमृतसर के एयरपोर्ट पर उतरा। अमेरिका का ये कदम कई वजह से चर्चा में है। इसमें एक मुद्दा इन लोगों के साथ अमानवीय बर्ताव का है, जिस पर भारत में काफी गुस्सा देखने को मिला है। वहीं इस बात की भी चर्चा है कि अमेरिका ने आम फ्लाइट के मुकाबले कहीं ज्यादा खर्च वाले सैन्य विमान से भारतीयों को क्यों भेजा है। इस विमान से यात्रा चार्टर प्लेन से भी महंगी है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने 104 भारतीयों को अमेरिकी सेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान से अमृतसर भेजा है। इस निर्वासन फ्लाइच पर भारी खर्च आया है। इस विमान से सफर सामान्य उड़ानों से कई गुना ज्यादा महंगा है। भारत आई फ्लाइट का खर्च 4 करोड़ रुपये से भी ज्यादा आंका गया है। इसकी वजह ये है कि अमेरिकी आर्मी का C-17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट बहुत महंगा है। इससे यात्रा चार्टर्ड फ्लाइट से भी महंगी है।

सामान्य फ्लाइट से पांच गुना खर्च
रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने बताया है कि अमेरिका ने पिछले हफ्ते ग्वाटेमाला के लोगों को वापस छोड़ने के लिए भी इसी तरह के विमान का इस्तेमाल किया गया। इस उड़ान में एक व्यक्ति पर 4,675 अमेरिकी डॉलर का खर्च आया। यह एक तरफ के फर्स्ट क्लास टिकट की औसत कीमत 853 डॉलर से पांच गुना ज्यादा है। यह खर्च अमेरिका की इमिग्रेशन और कस्टम एजेंसी (ICE) के पहले की निर्वासन उड़ानों के लिए किराए पर लिए गए व्यावसायिक चार्टर विमानों से काफी ज्यादा है।

रॉयटर्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि C-17 विमान से 64 प्रवासियों को ग्वाटेमाला भेजने में 28,500 डॉलर प्रति घंटे का खर्च आया। इस पूरा उड़ान में सिर्फ हवा में 10.5 घंटे लगे। टेक्सास से अमृतसर की उड़ान में कई स्टॉप के साथ 19 घंटे से ज्यादा का समय लगता है। ऐसे में इस विमान को अमृतसर भेजे की कीमत लागत आधे मिलियन डॉलर यानी 4 करोड़ रुपए से ज्यादा बैठती है।

ICE आमतौर पर अवैध प्रवासियों के निर्वासन के लिए बोइंग 737 या MD-80 सीरीज के विमान किराए पर लेती रही है। मौजूदा ट्रंप प्रशासन प्रवासियों को वापस भेजने के लिए सैन्य विमानों का इस्तेमाल कर रहा है। इससे खर्च काफी ज्यादा बढ़ गया है। C-17 ग्लोबमास्टर अमेरिकी सेना का एक बड़ा परिवहन विमान है। यह भारी सामान और सैनिकों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। ऐसे में इसकी संचालन लागत बहुत ज्यादा है।

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