15.4 C
London
Saturday, April 18, 2026
Homeराज्यसपा विधायक अरमान खान ने यूपी विधानसभा में वकीलों का मुद्दा उठाया,...

सपा विधायक अरमान खान ने यूपी विधानसभा में वकीलों का मुद्दा उठाया, पूछा- एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट का क्या हुआ

Published on

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत अन्य जिलों में वकीलों का प्रदर्शन और हड़ताल देखने को मिल रहा है। प्रदेश भर के वकीलों में केंद्र सरकार के नए अधिवक्ता संशोधन कानून को लेकर नाराजगी है। वकील एडवोकेट एक्ट में प्रस्तावित संशोधन को लेकर नाराज है। इसी क्रम में लखनऊ में वकील कचहरी तो पहुंचे हैं, लेकिन कामकाज से दूरी बनाए हुए हैं।

नाराज वकीलों का कहना है कि सरकार हमारे अस्तित्व को खत्म करने के लिए तत्पर लग रही है। अभी तक एडवोकेट प्रोटेक्शन कानून लाने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब वकील को सस्पेंड करने का बिल लाया जा रहा है। ये कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वकीलों की मांगों का मुद्दा यूपी विधानसभा के बजट सत्र में भी गुंजा है। समाजवादी पार्टी ने वकीलों के हक की आवाज उठाकर बीजेपी सरकार को घेरने का काम किया है।

वकीलों के हितों की अनदेखी
लखनऊ से समाजवादी पार्टी के विधायक अरमान खान ने सदन को बताया कि बड़े दुख और अफसोस की बात है कि इस सरकार में वकीलों के हितों की अनदेखी की जा रही है। इस समाज के सम्मान और स्वाभिमान को छिन्न-भिन्न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वकीलों की आवाज को पुलिस की लाठी से तो कभी काले कानूनों से कुचलने की कोशीश की जाती रही है। जो वकील दूसरों को न्याय दिलाता है, आज वो खुद घोर अन्याय का सामना कर रहा है। जिसके चलते आज वकील सड़को पर निकलकर आंदोलन करने पर विवश है। वकीलों का वर्तमान और भविष्य दोनों अंधकार में डूबे जा रहे हैं।

एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट
सपा विधायक अरमान खान ने बताया कि हापुड़ और गाजियाबाद में वकीलों के साथ हुए पुलिस लाठी चार्ज की घटना के बाद सरकार ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की बात कही थी, जिसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित की गई थी। उन्होंने बताया कि मिल रही जानकरी के मुताबिक कमेटी ने मसौदा तैयार को सरकार को दे दिया है, लेकिन सरकार ने आज तक इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। इस तरह सरकार अपने ही वादे को भूल गई है। सच तो ये है कि सरकार वकीलों के मुद्दे पर कभी गंभीर नहीं थी। यही वजह है कि सरकार की ओर से वकीलों के हित में किये गए वादे भी आज तक पूरे नहीं हुए हैं।

एडवोकेट अमेंडमेंट बिल की तैयारी
प्रदेश भर में बड़ी संख्या में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे वकीलों का कहना है कि सरकार ने एडवोकेट अमेंडमेंट बिल की तैयारी की है, जिसके तहत वकीलों को जाल में फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगर कोई शिकायत होती है तो उसके लिए बनने वाली कमेटी में अप्रत्यक्ष रूप से आईएएस अधिकारी को बैठा देंगे। इसके साथ ही अगर वकील किसी समस्या को लेकर बायकॉट या हड़ताल करता है तो उसको डिबार कर देंगे।

साथ ही अगर कोई मुकदमा हारता है तो उस पर पेनाल्टी लगाने की तैयारी है। वकीलों का कहना है कि ये तीनों चीजें गलत है, इसके खिलाफ हम लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। हम काम करने के लिए स्वतंत्र है, कोर्ट ऑफिसर है तो काले कानून की कोई जरूरत नहीं है। सरकार हमारे ऊपर चाबुक चलाये ये कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Latest articles

चाय पीने के तुरंत बाद पानी पीना सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक

चाय पीने के तुरंत बाद पानी न पीने की सलाह दी जाती है। इसके...

54 वोट से गिरा महिला आरक्षण से जुड़ा बिल: पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल से...

जशपुर में ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुजुर्गों संग खेला कैरम

जशपुर। विष्णु देव साय ने जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर...

राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई शपथ

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य प्रशासन का सबसे बड़ा निकाय...

More like this

जशपुर में ‘सियान गुड़ी’ डे-केयर सेंटर का लोकार्पण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुजुर्गों संग खेला कैरम

जशपुर। विष्णु देव साय ने जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर...

राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिलाई शपथ

जयपुर। भजनलाल शर्मा ने कहा कि शासन सचिवालय राज्य प्रशासन का सबसे बड़ा निकाय...