नई दिल्ली:
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों की फौजें हाई अलर्ट पर हैं। गुरुवार रात पाकिस्तान आर्मी ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर स्मॉल आर्म फायरिंग की जिसका भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया। LoC के दूसरी तरफ पूरी रात अलग अलग जगहों पर फायरिंग की आवाज गूंजती रही।
600 का जवाब 1300 से
भारतीय सेना सूत्रों के मुताबिक गुरुवार रात बारामूला-कुपवाड़ा के बीच नौगाम एरिया में LoC पर पाकिस्तान आर्मी की तरफ से फायरिंग शुरू हुई। सूत्रों का कहना है कि स्मॉल आर्म फायर हुआ। पाकिस्तान ने करीब 600 राउंड फायर किया और इसके जवाब में भारतीय सेना ने करीब 1300 राउंड फायर किया। स्मॉल आर्म का मतलब राइफल, कार्बाइन, एलएमजी (लाइट मशीन गन), रॉकेट लॉन्चर और कम कैलिबर के मोर्टार होता है। हालांकि गुरुवार रात मोर्टार फायर नहीं हुआ। इसके अलावा भी 778 किलोमीटर लंबी LoC में कई जगह पाकिस्तानी पोस्ट से फायरिंग की आवाजें आती रही, हालांकि वे LoC के इस पार नहीं हुई।
एलओसी पर हाई अलर्ट, क्या हैं इसके मायने
भारतीय सेना पूरे एलओसी पर अलर्ट है। इसके क्या मायने हैं। सूत्रों के मुताबिक हाई अलर्ट में सभी अहम पदों पर तैनात लोग हर वक्त उपलब्ध रहते हैं। क्विक रिएक्शन टीम (QRT) का रिस्पॉन्स टाइम कम हो जाता है। यानी कुछ भी होने पर तुरंत उस पर एक्शन होता है। सभी असेस्ट्स एकदम रेडी होते हैं। राशन का रिजर्व स्टॉक 7 से 15 दिन का पूरी तरह सुनिश्चित हो जाता है। यह अलग अलग यूनिट में अलग अलग होता है क्योंकि सबकी लोकेशन और भौगोलिक स्थिति अलग होती है। हर यूनिट के पास जितना गोला-बारूद होना चाहिए वह चेक होता है और सुनिश्चित होता है कि संभावित स्थितियों के हिसाब से सभी तैयारी हो। सूत्रों के मुताबिक ऐसा नहीं है कि पूरी 778 किलोमीटर लंबी एलओसी में एक जैसा अलर्टनेस लेवल हो। जिस यूनिट का जो टास्क है उस हिसाब से अलर्टनेस लेवल होता है। हर यूनिट के लिए पहले से तय मोबलाइजेशन स्कीम होती है और उसी हिसाब से यूनिट अपनी पूरी तैयारी रखती हैं। इसी स्कीम में यह भी होता है कि कब और किन स्थिति में छुट्टियां कैंसल मानी जाएंगी।
नए नॉर्दन आर्मी कमांडर का ऐलान कब ?
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से लगती लाइन ऑफ कंट्रोल यानी एलओसी, लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएसी का जिम्मा भारतीय सेना की नॉर्दन कमांड देखती है। साथ ही नॉर्दन कमांड जम्मू कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में भी अहम रोल निभाती है। अभी नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एम.वी. सुचिंद्र कुमार हैं। जो 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं। इनकी जगह कौन यह अहम जिम्मेदारी संभालेंगे अभी तक इसका ऐलान नहीं हुआ है। यह इसलिए अहम है क्योंकि जो भी संभावित एक्शन प्लान होगा उसमें इनका अहम रोल होगा। वैसे मिलिट्री सर्कल में नए नॉर्दन आर्मी कमांडर के लिए जिन अधिकारी का नाम चल रहा है वे शुक्रवार को आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ कश्मीर में थे। हालांकि उनके मौजूदा अपॉइंटमेंट की वजह से वे वहां गए थे।
