17.2 C
London
Sunday, May 17, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयबांग्लादेश में 200 साल पुराने बरगद के पेड़ को 'शिर्क' बताकर कट्टरपंथियों...

बांग्लादेश में 200 साल पुराने बरगद के पेड़ को ‘शिर्क’ बताकर कट्टरपंथियों ने काटा, हिंदुओं के लिए था आस्था का प्रतीक, जारी किया गया था फतवा

Published on

ढाका

बांग्लादेश में 200 साल पुराने एक बरगद के पेड़ को कट्टरपंथियों ने सिर्फ इसलिए काट दिया, क्योंकि वो हिंदुओं की आस्था का प्रतीक था। कट्टरपंथियों ने बरगद के पेड़ के खिलाफ फतवा जारी किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के मदारीपुर जिले के शिराखारा यूनियन के आलम मीर कंडी गांव में एक 200 साल पुराने धार्मिक मान्यताओं वाले बरगद के पेड़ को काट दिया गया है। इस पेड़ को न सिर्फ काट कर गिरा दिया गया है, बल्कि इसके साथ एक पूरी स्थानीय मान्यता, परंपरा और आस्था को भी उखाड़ फेंका गया है। यह सब शुरू हुआ एक ‘फतवे’ के नाम पर। बांग्लादेश के कई सोशल मीडिया यूजर्स ने पेड़ काटे जाने का वीडियो जारी किया है, जिसमें देखा जा रहा है कि पारंपरिक मुस्लिम लिबास में कुछ लोग बरगद के पेड़ को काट रहे हैं। ये पेड़ काफी घना था।

हिंदुओं की परंपरा में बरगद और पीपल के पेड़ पूजे जाते हैं। इनके प्रति हिंदुओं की आस्था होती है। लेकिन कट्टरपंथी हर वो काम करते हैं, जिससे किसी की आस्था, किसी की भावना आहत हो। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पेड़ क्षेत्र के लिए सिर्फ एक प्राकृतिक विरासत नहीं था, बल्कि एक सांस्कृतिक प्रतीक और आस्था का केंद्र था। दूर-दराज से लोग यहां मोमबत्तियां जलाकर मन्नत मांगते थे। स्थानीय मान्यता थी कि इस पेड़ के नीचे मांगी गई मुरादें पूरी होती हैं। लेकिन कुछ कट्टरपंथी मौलवियों ने इसे “शिर्क” यानी इस्लाम में अल्लाह के साथ किसी और को जोड़ने की हराम हरकत करार देकर इसके खिलाफ फतवा जारी कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने वही किया जो कट्टरता हमेशा करती है… नफरत से पेड़ के वजूद को मिटा देना।

बांग्लादेश में 200 साल पुराने बरगद के पेड़ को काटा
स्थानीय लोगों के मुताबिक 200 साल पुराना ये बरगद का पेड़ सिर्फ एक पेड़ नहीं था, बल्कि स्थानीय लोकविश्वास और सांस्कृतिक विरास का जीवित प्रतीक था। पिछले कई दशकों से ये पेड़ स्थानीय जनश्रुतियों, कहानियों और पूजा प्रथाओं का हिस्सा रहा है। ग्रामीणों का मानना था कि इस पेड़ में कोई ‘चमत्कारी शक्ति’ है। वे यहां आकर मोमबत्तियां जलाते, हाथ जोड़ते और इच्छाएं मांगते। लेकिन, बीते शुक्रवार को स्थानीय कट्टरपंथी मौलवियों की एक सभा बुलाई गई थी, जिसमें यह फैसला लिया गया कि यह प्रथा “शिर्क” है.. यानी इस्लाम की मूल धारणा के खिलाफ है। इसके बाद मुस्लिम लिबास में आए कुछ कट्टरपंथियों ने पेड़ को कुल्हाड़ियों और आरी से काट डाला।

बरगद के पेड़ के काटने के बाद स्थानीय हिंदू आबादी काफी मायूस है, लेकिन मोहम्मद यूनुस के शासन में आने के बाद ऐसा होना काफी कॉमन हो गया है। बांग्लादेश में अब मुस्लिम चरमपंथी हर तरफ हावी हैं। हिंदुओं की आस्था, प्रतीक और उनके घरों पर हमले हो रहे हैं। एक ग्रामीण ने कहा कि “हमने कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। पेड़ के नीचे रोशनी करना हमारी आस्था थी, न कि किसी धर्म का अपमान। अगर यह गलत था, तो बात करके समझाया जा सकता था। पेड़ को काटना हमारी आत्मा को काटने जैसा है।” पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश में धार्मिक चरमपंथ का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। कई जगहों पर लोक-परंपराओं और सांस्कृतिक स्थलों को गैर-इस्लामिक बताकर निशाना बनाया जा रहा है। लेकिन सरकारें खामोश हैं। हिंदुओं या उनकी धार्मिक आस्था पर होने वाले हमलों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है।

Latest articles

मप्र में भीषण गर्मी-बाजारों में पसरा सन्नाटा, 15 शहरों में 43°C पार, कई जिलों में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदला है कि लोग बारिश...

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग, दिल्ली-मुंबई ट्रैक पर आवाजाही ठप, 68 यात्री बाहर निकाले, कई ट्रेनें प्रभावित

रतलाम। कोटा रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले रतलाम जिले के आलोट स्टेशन के...

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, सीएम साय ने लेमरू में चखा गुपचुप

रायपुर। राज्य सरकार के 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा...

More like this

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव, होर्मुज में बने जंग जैसे हालात-सैन्य गतिविधियां जारी

वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है, जहां ईरान...