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पाकिस्तानी लड़की के ‘हनीट्रैप’ में फंस गया था CRPF जवान, गिरफ्तारी के बाद हुए कई चौंकाने वाले खुलासे

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नई दिल्ली:

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में NIA द्वारा गिरफ्तार किए गए सीआरपीएफ के एएसआई मोतीराम जाट मामले में पता लगा है कि इसे 2023 में पहले पाकिस्तानी एजेंटों द्वारा हनीट्रैप में फंसाया गया। आरोप है कि इसके बाद वह पाकिस्तान के लिए काम करने लगा। फिर 2024 में भी यह एक पाकिस्तानी अकाउंट से किसी लड़की के संपर्क में आया। इसके अकाउंट में लाखों रुपयों की कई संदिग्ध ट्रांसफर भी मिली हैं। इनका पाकिस्तान से कनेक्शन मिलता लग रहा है। पूरे मामले में अब एनआईए आरोपी एएसआई को गिरफ्तार कर उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

मामले में जांच से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में सबसे अहम अब जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुआ आतंकी हमला है। इसमें एक लोकल और 25 पर्यटक मारे गए थे। जांच में सामने आया है कि सीआरपीएफ का यह आरोपी जवान मोतीराम जाट जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ की उसी 116वीं बटालियन का हिस्सा था, जिसकी तैनाती पहलगाम में है।

आतंकी हमले से पांच दिन पहले 17 अप्रैल को यह अचानक इमरजेंसी बताकर छुट्टी पर चला गया था। इस बीच जब 22 अप्रैल को पहलगाम में टेरर अटैक हुआ, तो देशभर से पाकिस्तान के लिए काम करने वाले कुछ संदिग्धों को पकड़ा गया।

इसी कड़ी में सीआरपीएफ की एक स्पेशल यूनिट जो अपने जवानों के सोशल मीडिया हैंडल और अन्य गतिविधियों पर खुफिया तरीके से निगरानी रखती है। उस यूनिट को आरोपी एएसआई के सोशल मीडिया अकाउंट में कुछ संदिग्ध नजर आया। तुरंत मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी गई। इस बीच यह भारत-पाकिस्तान के बीच हुई सैन्य कार्रवाई के दौरान भी छुट्टी से वापस नहीं आया, लेकिन सीआरपीएफ की एक खास सेल इस पर निगाह रखे हुए थी।

जब मामला काफी हद तक साफ होने लगा कि इसका कोई ना कोई पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों (PIO) से मिल रहा है। तब से दिल्ली बुलाया गया। जहां पहले सीआरपीएफ ने शुरुआत में अपने स्तर पर इससे पूछताछ की। फिर मामले में मिले कुछ अहम सबूत के आधार पर इसे एनआईए को सौंप दिया गया, जहां एनआईए ने इसे 21 मई को गिरफ्तार कर लिया।

अब एनआईए इससे पूछताछ कर रही है। इसके ठिकानों पर भी छापेमारी की जा सकती है। एनआईए इसके भारत में पाकिस्तान एजेंटों के लिंक खोज रही है। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ और लोग पकड़े जा सकते हैं, जो भारत में रहते हुए पाकिस्तान के लिए काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपी से इस बात की जानकारी भी ली जा रही है कि क्या पहलगाम आतंकी हमले से उसका कोई लेना-देना है या नहीं।

क्या इस हमले के लिए उसने आतंकियों की कोई मदद की थी। क्योंकि, आरोपी को इस बात की जानकारी अच्छे से थी कि बैसरन घाटी में सैकड़ों की संख्या में पर्यटक जाते हैं। लेकिन वहां उनकी सुरक्षा के लिए ना तो जम्मू-कश्मीर पुलिस है और ना ही सीआरपीएफ की कोई टुकड़ी।

ऐसे में जानकारी जुटाई जा रही है कि कहीं आतंकियों के लिए लोकल स्तर पर इनपुट देने वालों में से यह भी तो एक नहीं? बहरहाल पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन की जा रही है। इसके लिए एनआईए के एक टॉप ऑफिसर आरोपी एएसआई को खुद इंटोरेगेट कर रहे हैं। इस काम में आईबी भी गुपचुप तरीके से काम कर रही है।

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