भोपाल।
विकसित भारत–रोजगार आजीविका मिशन की गारंटी (VB जी राम जी) योजना को नए स्वरूप में लागू किया गया है, जिससे अधिक से अधिक गरीब और जनजातीय परिवारों को रोजगार मिल सके। यह योजना रामराज्य की अवधारणा का प्रतिबिंब है। यह बात पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने सीहोर में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि मनरेगा योजना पर अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें से 8.05 लाख करोड़ रुपये मोदी सरकार के कार्यकाल में व्यय हुए हैं। उन्होंने कहा कि पहले योजना में पारदर्शिता की कमी थी, लेकिन अब जीपीएस और मोबाइल आधारित मॉनिटरिंग तथा रियल टाइम डेटा के माध्यम से भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी और सही लाभार्थियों को काम मिलेगा।
उन्होंने बताया कि योजना में जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा निर्माण, आजीविका विकास और मौसमजनित रोजगार संकट जैसी चार प्राथमिकताओं पर विशेष फोकस किया गया है। किसानों के हित में बुवाई और कटाई के समय 60 दिन तक योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान किया गया है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो। अब मजदूरों को हर सप्ताह मजदूरी भुगतान किया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। श्रीमती गौर ने कहा कि इस योजना के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाकर रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, विधायक सुदेश राय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रचना मेवाड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
