भोपाल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ‘जनसेवा ही सर्वोपरि’ की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदेश में आयोजित किए जा रहे ‘ग्राम उत्थान शिविर’ ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। 23 जनवरी (बसंत पंचमी) से शुरू हुए इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँच रहा है। अब तक प्रदेशभर में आयोजित 1,512 शिविरों में 77 लाख से अधिक समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा चुका है।
13 विभागों की सेवाएं एक ही छत के नीचे इन शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। शिविरों में राजस्व, कृषि, पशुपालन, ऊर्जा और ग्रामीण विकास सहित 13 महत्वपूर्ण विभागों की सेवाएं एक साथ उपलब्ध करवाई जा रही हैं। शिविरों की अब तक की प्रगति: सहभागिता: अब तक 13 लाख 91 हजार से अधिक ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। किसान कल्याण: 98,299 सॉइल हेल्थ कार्ड और 55,886 स्वामित्व कार्ड बांटे गए।
पशुपालन: 92 हजार पशुपालकों का पंजीकरण और 77 हजार पशुओं का टीकाकरण संपन्न। ऊर्जा: पीएम सूर्य घर योजना के तहत 28,908 पंजीकरण किए गए। दूसरे चरण का शेड्यूल: 5 से 9 फरवरी तक लगेंगे शिविर ग्राम उत्थान शिविरों का पहला चरण सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, अब दूसरे चरण के तहत 5 से 9 फरवरी तक प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
शिविरों का समय प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक रहेगा। किसानों और पशुपालकों पर विशेष ध्यान मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के तहत 2,923 आवेदनों का निस्तारण किया गया है। साथ ही फार्म पौंड, तारबंदी, पाइपलाइन और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसे आवेदनों पर भी त्वरित कार्रवाई की जा रही है। वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के जरिए ग्रामीणों को जल संचयन के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
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