भोपाल
राजस्व और संपत्ति कर वसूली में लापरवाही पर भोपाल के कमिश्नर ने सख्त रुख अपनाया है। कमजोर वसूली करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर “काम नहीं तो वेतन नहीं” की नीति लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही बड़े बकायादारों के खिलाफ कुर्की सहित सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में सामने आया कि कई जोनों और विभागों में कर वसूली तय समय सीमा में पूरी नहीं हो पा रही है। नोटिस जारी होने के बावजूद फील्ड स्तर पर कार्रवाई सुस्त पाई गई, जिस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताई। कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि वसूली कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और वेतन कटौती के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि डोर-टू-डोर वसूली अभियान तेज किया जाए, बड़े बकायादारों पर प्राथमिकता से कार्रवाई हो और प्रत्येक जोन से साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। वार्ड प्रभारियों से सीधे संवाद राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने वार्ड प्रभारियों से सीधे संवाद किया।
कई वार्डों में वसूली और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति असंतोषजनक पाई गई, जिस पर संबंधित प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई तय की गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में सुधार नहीं हुआ तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल मच गई है।
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