भोपाल
शहर के आरो कॉलोनी स्थित मंदिर के सामने संचालित शराब दुकान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों के विरोध और शिकायतों के बाद मानव अधिकार आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन से जवाब तलब किया है। आयोग के सदस्य प्रियंक काननिया स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। स्थानीय लोगों में आक्रोश आरो कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि मंदिर के ठीक सामने शराब दुकान खुलने से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
साथ ही शराबियों की आवाजाही के कारण क्षेत्र में अशांति, गाली-गलौज और अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। महिलाओं और बच्चों को बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय रहवासियों ने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। मानव अधिकार आयोग की जांच मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक काननिया ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
आयोग ने प्रशासन से पूछा कि धार्मिक स्थल के सामने शराब दुकान खोलने की अनुमति किस आधार पर दी गई और नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया। आयोग ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों के आसपास शराब दुकानों का संचालन नियमों के विरुद्ध है और इससे सामाजिक वातावरण प्रभावित होता है। आयोग ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच कर शीघ्र उचित कार्रवाई की जाए। रहवासियों की प्रमुख मांगें स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष निम्न मांगें रखीं— मंदिर के सामने संचालित शराब दुकान को तत्काल हटाया जाए। क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। धार्मिक और आवासीय क्षेत्रों के पास शराब दुकानों को अनुमति न दी जाए। भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए।
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