रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने प्रदेश के नगरीय निकायों की समीक्षा के दूसरे दिन नगर पंचायतों के कामकाज पर कड़ा रुख अख्तियार किया। रायपुर स्थित सर्किट हाउस में दिनभर चली मैराथन बैठक में श्री साव ने स्पष्ट किया कि शहरों के विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि काम में कोताही मिलने पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में बेतरतीब निर्माणों, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर तत्काल और सख्त रोक लगाएं। उन्होंने कहा कि उभरते हुए शहरों को सुव्यवस्थित, सुनियोजित और सुंदर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने संयुक्त संचालकों को हर तीन महीने में निकायों का व्यक्तिगत निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्व संग्रहण बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। श्री साव ने सभी सीएमओ को 31 मई तक नई संपत्तियों पर करारोपण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संपत्ति कर, जल कर और यूजर चार्ज की वसूली गंभीरता से करने को कहा। साथ ही, एनर्जी ऑडिट के जरिए गैर-जरूरी बिजली कनेक्शनों को काटने और निकायों के कर्मचारियों का वेतन व बिजली बिल समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आगामी मानसून को देखते हुए उप मुख्यमंत्री ने 31 मई तक सभी बड़े नालों और ड्रेनेज की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि जल भराव की स्थिति न बने। उन्होंने जल संरक्षण के लिए शत-प्रतिशत भवनों में ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ अनिवार्य करने को कहा। पेयजल आपूर्ति पर दूरदर्शिता दिखाते हुए उन्होंने अगले 10 वर्षों की जरूरतों के हिसाब से इंतजाम करने और 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग पेयजल व्यवस्था पुख्ता करने में लगाने के निर्देश दिए।
