बठिंडा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशे के खिलाफ जारी अभियान में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मचारियों पर बड़ा प्रहार किया है। बठिंडा के सदर थाना के अंतर्गत आने वाली कोर्ट समीर पुलिस चौकी के सभी 11 कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। मुख्यमंत्री का यह सख्त कदम नशे के कारण हो रही मौतों और पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने की शिकायतों के बाद सामने आया है।
रविवार को बठिंडा में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान गुलाबगढ़ गांव के सरपंच लाखा सिंह ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने बताया कि उनके और आसपास के गांवों में नशे के कारण कई युवा जान गंवा चुके हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस को बार-बार सूचित करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंच से ही कर्मचारियों को जिले से बाहर भेजने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने चौकी में तैनात 3 एएसआई, 4 सीनियर कॉन्स्टेबल, 1 कॉन्स्टेबल और 3 होमगार्ड्स का तबादला मानसा जिले में कर दिया है। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि केवल तबादला ही काफी नहीं है, बल्कि इस मामले की विभागीय जांच भी कराई जाएगी कि आखिर सरपंच की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के कारोबार पर पुलिस की सुस्ती किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब इस चौकी पर नए स्टाफ की तैनाती कर नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
