जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आज मुख्यमंत्री आवास पर डेनमार्क के राजदूत ने शिष्टाचार भेंट की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राजस्थान और डेनमार्क के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी और निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने डेनमार्क की उन्नत तकनीक की सराहना करते हुए राजस्थान में हरित ऊर्जा (Green Energy), अपशिष्ट प्रबंधन और विशेष रूप से जल संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है और डेनमार्क का तकनीकी अनुभव इस दिशा में सहायक सिद्ध हो सकता है। डेनमार्क के राजदूत ने राजस्थान की निवेश अनुकूल नीतियों और यहाँ के औद्योगिक वातावरण की प्रशंसा की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि डेनमार्क की कंपनियाँ डेयरी उद्योग, सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में राजस्थान के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।
राजदूत ने मुख्यमंत्री को डेनमार्क के विकास मॉडल और वहाँ की अत्याधुनिक नवाचार प्रणालियों के बारे में भी जानकारी दी। इस शिष्टाचार भेंट को राजस्थान के वैश्विक आर्थिक संबंधों को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राजदूत का राजस्थानी परंपरा के अनुसार स्वागत किया और उन्हें राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक स्मृति चिह्न भी भेंट किया। बैठक में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्हें इन चर्चाओं को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक समन्वय के निर्देश दिए गए।
