भोपाल। राजधानी भोपाल के ग्राम हताईखेड़ा में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सर्वे क्रमांक 75, 65/1, 65/2 एवं 66 की भूमि, जो वर्ष 1959-60 में नाले के उपयोग के लिए अधिग्रहित की गई थी, अब भूमाफियाओं के निशाने पर है।
छोटे-छोटे प्लॉट बनाकर की जा रही बिक्री
शिकायत में बताया गया है कि संबंधित भूमि का सीमांकन नहीं होने का फायदा उठाते हुए कुछ लोगों द्वारा इसे छोटे-छोटे भूखंडों में अवैध रूप से बेचने का कार्य किया जा रहा है। इतना ही नहीं, मौके पर लगभग 10 फीट ऊंची दीवार बनाकर शासकीय भूमि पर कब्जा करने की कोशिश भी जारी है।

प्रशासनिक आदेशों के बावजूद कार्रवाई नहीं
दस्तावेज़ के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (टी. नगर) द्वारा प्रकरण क्रमांक 14/अप्रैल/2025-26 में 15 जनवरी 2026 को आदेश पारित किए गए थे। इसके बाद 11 फरवरी 2026 को कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी गोविंदपुरा द्वारा स्थल का निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग को भूमि हस्तांतरित करने और सीमांकन कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य जारी है।

जल संसाधन विभाग की भी अनदेखी
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि जल संसाधन विभाग और राजस्व विभाग को पूरी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की नाक के नीचे ही भूमाफिया सक्रिय हैं और अवैध प्लॉटिंग का धंधा बेखौफ जारी है। लोगों ने इस मामले में तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
