रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में पारा चढ़ने के साथ ही भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इस चुनौतीपूर्ण समय को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से विशेष सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी बरतने की भावुक अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कड़कड़ाती धूप के इस दौर में हर नागरिक को अपने स्वास्थ्य की रक्षा करने के साथ-साथ मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए अपने आसपास के लोगों और मूक जीवों का भी विशेष ख्याल रखना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आमजन से आग्रह किया है कि वे लू (हीटवेव) के खतरों से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल हमेशा अपने साथ रखें और दोपहर की तेज धूप में बेवजह बाहर निकलने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि हमारी एक छोटी-सी सावधानी स्वयं और हमारे परिवार को सुरक्षित रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकती है।
मुख्यमंत्री ने समाज के सक्षम नागरिकों, व्यापारियों और संस्थाओं से सामाजिक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि संभव हो, तो अपनी दुकानों, घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास से गुजरने वाले राहगीरों के लिए शुद्ध एवं ठंडे पीने के पानी (प्याऊ) की व्यवस्था अवश्य करें। उन्होंने रेखांकित किया कि संवेदना और सेवा का यह छोटा-सा मानवीय प्रयास इस तपती गर्मी में किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए बहुत बड़ा संबल बन सकता है।
श्री साय ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, श्रमिक भाइयों और खुले आसमान के नीचे काम करने वाले मेहनत-कश लोगों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि रास्ते में या आसपास किसी भी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती हुई दिखाई दे, तो उसे तुरंत धूप से हटाकर किसी छायादार या ठंडी जगह पर ले जाएं। पीड़ित को तत्काल ओआरएस (ORS) का घोल, पानी या अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराएं और स्थिति गंभीर होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल या चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करें।
मूक पशु-पक्षियों के लिए बांधें परिंडे
