जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में सुशासन की स्थापना और आमजन को पारदर्शी शासन व्यवस्था मुहैया कराने के उद्देश्य से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ एक व्यापक और कड़ा अभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में संदेश दिया है कि राज्य में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और आमजन के काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और प्रशासनिक सुधार विभाग को पूरी छूट देते हुए मुस्तैदी से काम करने के निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है, और जो भी अधिकारी या कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह पाया जाएगा या भ्रष्टाचार में लिप्त होगा, उसके खिलाफ सेवा नियमों के तहत तत्काल और सबसे कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शासन सचिवालय और जिला स्तर के आला अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनसुनवाई और फाइलों के निपटारे में गति लाई जाए। अक्सर देखा जाता है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण आम नागरिकों और विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के किसानों व वंचितों को अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस ढर्रे को पूरी तरह बदलने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘फाइल ट्रैकिंग सिस्टम’ को और अधिक मजबूत बनाने तथा तय समय-सीमा (टाइम-लाइन) के भीतर जनसमस्याओं का शत-प्रतिशत निवारण करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने चेताया कि किसी भी विभाग में पेंडेंसी (लंबित कार्य) का बढ़ना सीधे तौर पर संबंधित विभाग प्रमुख की लापरवाही माना जाएगा और इसकी जवाबदेही सीधे तौर पर तय की जाएगी।
