बेंगलुरु/भोपाल। कर्नाटक की राजनीति में शनिवार को एक नए युग की शुरुआत हो गई है। बेंगलुरु में आयोजित कांग्रेस विधायक दल (CLP) की हाई-प्रोफाइल बैठक में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से नया विधायक दल का नेता चुन लिया गया है, जिसके बाद अब वे कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभालेंगे। दिलचस्प बात यह रही कि 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले दिग्गज नेता सिद्धारमैया ने खुद बैठक में शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका राज्य के गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर सहित सभी विधायकों ने एकमत से समर्थन किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आधिकारिक तौर पर एलान किया कि डीके शिवकुमार 3 जून की शाम को मुख्यमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ लेंगे।
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शिवकुमार ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, राज्य में मुख्यमंत्री बदलने के साथ ही पूरी कैबिनेट का चेहरा भी बदला जाएगा, जिसके तहत मौजूदा कैबिनेट के 10 मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है, जिनमें निवर्तमान सीएम सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के लिए राज्य में 4 नए डिप्टी सीएम भी बनाए जा सकते हैं।
यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस आलाकमान द्वारा साल 2023 के चुनाव के वक्त तय किए गए ‘सीएम रोटेशनल फॉर्मूले’ के तहत हो रहा है। इसके तहत सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 से 28 मई 2026 तक का अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसके बाद अब शेष कार्यकाल के लिए डीके शिवकुमार को कमान सौंपी जा रही है। शनिवार को हुई इस निर्णायक बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक के रूप में कर्नाटक कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक के मध्य में सिद्धारमैया, वेणुगोपाल और सुरजेवाला ने एक बंद कमरे में अलग से गहन मंत्रणा की, जिसके बाद शिवकुमार के नाम पर अंतिम मुहर लगी।
