भोपाल। मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए बड़ी राजनीतिक रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। मंगलवार को कांग्रेस विधायक दल के सदस्य भोपाल से विशेष विमान के जरिए बंगलूरू रवाना होंगे। सूत्रों के अनुसार, सभी विधायक करीब 10 दिनों तक मध्य प्रदेश से बाहर रहेंगे। इस दौरान उनके लिए विभिन्न स्थानों के भ्रमण और धार्मिक यात्राओं का कार्यक्रम भी तैयार किया गया है। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का यह कदम प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
राज्यसभा चुनाव ने बढ़ाई कांग्रेस की सतर्कता
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट पर भाजपा द्वारा महेश केवट को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनावी समीकरणों और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायक दल को एकजुट बनाए रखने की रणनीति अपनाई है। पार्टी का उद्देश्य अपनी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन की जीत सुनिश्चित करना है।
उमंग सिंघार के निवास पर जुटे विधायक
मंगलवार सुबह कांग्रेस विधायक नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के भोपाल स्थित निवास पर एकत्र हुए। यहां चुनावी रणनीति और आगामी कार्यक्रम को लेकर अंतिम चर्चा की गई। बैठक के बाद सभी विधायक एक साथ एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। दोपहर तक अधिकांश विधायक भोपाल एयरपोर्ट पहुंच चुके थे, जहां से उन्हें विशेष विमान के जरिए बंगलूरू भेजा गया।
विशेष विमान से बंगलूरू रवाना हुए विधायक
कांग्रेस ने विधायकों के लिए 72 सीटों वाला विशेष ATR-72 विमान बुक किया था। इसी विमान से सभी विधायक बंगलूरू के लिए रवाना होंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेता पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते रहे और यात्रा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
10 दिन तक प्रदेश से बाहर रहेंगे कांग्रेस विधायक
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस विधायकों को पहले ही लगभग 10 दिनों की तैयारी के साथ आने के निर्देश दिए गए थे। इस अवधि में वे कर्नाटक में रहेंगे। जानकारी यह भी सामने आई है कि विधायकों के लिए विभिन्न पर्यटन स्थलों के भ्रमण और धार्मिक यात्राओं का कार्यक्रम तैयार किया गया है। कुछ विधायकों को तिरुपति बालाजी दर्शन की संभावित योजना की जानकारी भी दी गई है।
कांग्रेस का दावा- सभी विधायक पूरी तरह एकजुट
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस को अपने सभी 62 विधायकों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है और सभी विधायक मजबूती से पार्टी के साथ खड़े हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की कथित तोड़फोड़ की राजनीति को देखते हुए सतर्क रहना आवश्यक है, इसलिए पार्टी संगठनात्मक स्तर पर सभी जरूरी कदम उठा रही है।
एयरपोर्ट पर जयवर्धन सिंह ने बताई यात्रा की वजह
भोपाल एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने कहा कि मतदान में अभी कुछ दिन बाकी हैं। ऐसे में सभी विधायकों ने एक साथ कुछ समय बिताने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, “सभी विधायकों को लगा कि मतदान से पहले कुछ दिन साथ रहना अच्छा रहेगा। इससे आपसी तालमेल और मजबूत होगा तथा एक-दूसरे के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। इसी वजह से हम सभी एक साथ जा रहे हैं।”
दिग्विजय सिंह ने दिया दिलचस्प जवाब
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी एयरपोर्ट पहुंचे। जब उनसे विधायकों के एक साथ रवाना होने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे बताया गया कि कांग्रेस विधायक किसी चार्टर्ड विमान से कहीं जा रहे हैं, इसलिए मैं भी देखने आ गया कि वे आखिर कहां जा रहे हैं।” राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर विधायकों को बाहर भेजे जाने के कारण पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “पार्टी ऐसे फैसले कई पहलुओं पर विचार करने के बाद ही लेती है।”
विधायकों ने दोहराई पार्टी के प्रति निष्ठा
एयरपोर्ट रवाना होने से पहले कई कांग्रेस विधायकों ने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सौंसर विधायक विजय चौरे ने कहा कि कांग्रेस विधायक “बिकाऊ नहीं, टिकाऊ” हैं और पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं। वहीं श्योपुर विधायक बाबू जंडेल ने कहा कि उन्होंने पहले भी बड़े-बड़े प्रस्ताव ठुकराए हैं और भविष्य में भी कांग्रेस के साथ ही रहेंगे।
राहुल भैया का भाजपा पर पलटवार
जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ‘राहुल’ से यह सवाल पूछा गया कि कांग्रेस के कई विधायक भाजपा के संपर्क में होने की चर्चा है, तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा, “अरे भाई, मेरे पास तो भाजपा के 4-5 विधायक संपर्क में हैं। अब देखते हैं किसका संपर्क ज्यादा मजबूत है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
