भोपाल। मप्र में प्री-मानसून गतिविधियों और आंधी-बारिश के बावजूद गर्मी का असर बरकरार है। मंगलवार को छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले आठ वर्षों में दूसरी बार इतनी ऊंचाई तक पहुंचा है। प्रदेश के 26 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। मौसम विभाग के अनुसार दतिया में 44 डिग्री, राजगढ़, रीवा और टीकमगढ़ में 43 डिग्री, नौगांव में 42.8 डिग्री, सतना में 42.5 डिग्री तथा गुना और मंडला में 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
ग्वालियर 42.8 डिग्री के साथ प्रदेश के प्रमुख शहरों में सबसे गर्म रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा। मौसम विभाग ने 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मध्यप्रदेश इस समय संक्रमणकालीन मौसम से गुजर रहा है, जहां गर्मी, नमी और प्री-मानसून गतिविधियां एक साथ प्रभाव दिखा रही हैं। रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, मंडला, बालाघाट और सिवनी सहित पूर्वी जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर और विदिशा क्षेत्रों में भी दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में मानसून की एंट्री की परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं और 15 से 18 जून के बीच मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
संभावना है कि मानसून जबलपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, बैतूल, बड़वानी, खरगोन या बुरहानपुर क्षेत्र से प्रदेश में प्रवेश करे। अरब सागर से आ रही नमी और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग ने किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई से पहले स्थायी और व्यापक वर्षा का इंतजार करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश, उमस और गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा, जिसके बाद मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
