नई ट्रांसफर पॉलिसी मचाएगी तहलका

भोपाल

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भेल कार्पोरेट जल्द ही अधिकारी और कर्मचारियों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार करने में जुटा है। चर्चा है कि जल्द ही बोर्ड आफ डायरेक्टर की मीटिंग में इस पॉलिसी पर मुहर लग सकती है। पहले कार्पोरेट की पॉलिसी के मुताबिक जिन अफसरों के प्रमोशन होंगे उनका दूसरी यूनिट में ट्रांसफर जरूरी कर दिया गया है लेकिन पिछले माह डिप्टी मैनेजर से मैनेजर पद के प्रमोशन में ट्रांसफर दूर-दूर तक दिखाई नहीं दिया। यानी पुरानी पॉलिसी में ही कार्पोरट ने संकेत दे दिये थे कि अब इस तरह प्रमोशन के साथ ट्रांसफर जरूरी नहीं है। इसी के चलते नई प्रमोशन पॉलिसी तैयार की जा रही है। चौकाने वाली बात यह है कि इसमें कार्पाेरेट कुछ इस तरह के नियम भी बनाने की तैयारी कर सकता है जो न तो कर्मचारियों को रास आयेगी और न ही अधिकारियों को।

चर्चा है कि नई पॉलिसी में पहली बात तो यह है कि जो अपनी मर्जी से ट्रांसफर चाहेगा प्रबंधन उसका हाउस रेंट बंद कर सकता है। दूसरी बात प्रमोशन के समय ट्रांसफर जरूरी नहीं होगा लेकिन जिस यूनिट में अधिकारी-कर्मचारी की जरूरत होगी वहां शर्तों के मुताबिक तबादला कर दिया जायेगा। चर्चा है कि खर्चों में कटौती के नाम पर प्रबंधन उन कर्मचारियों का एचआरए बंद भी कर सकता है जो कंपनी के क्वार्टर में नहीं रहते हैं। अब यह तो आदेश निकलने के बाद ही पता लगेगा कि इस बात में कितना दम है। फिलहाल कंपनी ने पहली ही तिमाही में 897 करोड़ का घाटा बता दिया ऐसे में आगे क्या-क्या होगा यह देखना बाकी है क्योंकि तीन तिमाही के रिजल्ट आना बाकी हैं।

आखिर ठेकेदार हो गया ब्लेक लिस्ट

भेल टाउनशिप में भी अंधेर नगरी चौपट राजा के स्टाईल में काम कर रहा है चाहे सड़क हो या सीवेज या फिर साफ-सफाई किसी को देखने की फुर्सत ही नहीं है। बेचारे कर्मचारी ऐसे आवासों में रह रहे हैं जिनकी दशा खुद जीएम एचआर जाकर देखे तब उन्हें पता चलेगा कि कारखाने मेें दिन रात मेहनत करने वाले कर्मचारियों के क्या हाल हैं उस पर एक ठेकेदार को सीवेज लाईन ठीक करने का ठेका तो दे दिया लेकिन बिलों का भुगतान न होने के कारण वह यह काम भी पूरा नहीं कर पाया। साहब लोगों को लगा कि पुराने ठेकेदारों को वापस सीवेज और गार्डन का काम मिले तो उन्होंने इस ठेकेदार को ब्लेक लिस्ट कर दिया। भरे पेट पुराने ठेकेदार के तो बल्ले-बल्ले लेकिन ब्लेक लिस्ट हुआ ठेके दार सिर पीट कर साहब लोगों के सामने गिड़ गिड़ा रहा है। चर्चा है कि पुराने ठेकेदारों से काम्पीटीशन करने वाले नये ठेकेदार धीरे धीरे सिविल के साहब के निशाने पर हैं। अब तो टे्रड यूनियन नेता भी कर्मचारियों के आवासों की समस्याओं को लेकर शीर्ष प्रबंधन पर ऊंगली उठाने लगे हैं। कुछ तो कहने लगे हैं जागो बड़े साहब जागो। 100 से ऊपर अपर महाप्रबंधकों की फौज में एक भी ऐसा तेज तर्रार अफसर नहीं है जो ठेकेदारों पर लगाम लगा सके।

अगले माह से शुरू होगा ट्रांसफर-प्रमोशन दौर

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भेल में जून में होने वाले प्रमोशन तीन माह से रूके हुए हैं। खबर है कि यह काम अगले माह से शुरू हो जायेगा। इस बात के संकेत दिल्ली कार्पोरेट से मिलना शुरू हो गये हैं। अभी तक सिर्फ उप प्रबंधक से प्रबध्ंाक पद के लिए ही प्रमोशन की लिस्ट जारी हुई है रही बात डिप्टी इंजीनियर, वरिष्ठ प्रबंधक, उप महाप्रबध्ंाक, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक और अपर महाप्रबंधक पद के लिए अफसरों को आज भी प्रमोशन का इंतजार है। रही बात कार्यपालक निदेशक पद के प्रमोशन की तो संभावना है कि वह भी अगले माह तक हो सकते हैं। इसके लिए बेचारे जीएम हेड और जीएम आई बने अफसर भी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यूं भी अगले साल भेल की कुछ यूनिटों के कार्यपालक निदेशक रिटायर होने वाले हेैं।

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