Tuesday , October 27 2020

भेल की एक यूनियन में बगावत के आसार

भोपाल

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भेल भोपाल यूनिट की एक प्रतिनिधि यूनियन में इन दिनों भीतर ही भीतर हड़कंप मचा हुआ है। बात बाहर न आये और अंदर ही अंदर सुलझ जाये यह कोशिशे भी लगभग नाकाम हो रही हैं। दरअसल मामला कोई बड़ा भारी नहीं है लेकिन यूनियन के बड़े साहब को समझने की जरूरत है। वह पहाडिय़ों को तो गले लगा रहे हैं और बिहारियों को दम दिखा रहे हैं यह बात कुछ बिहारियों को गले नहीं उतर रही है। वह अब भी यह समझ जाये तो यूनियन के दो फाड़ होने से बच सकते हैं फिर भी बगावत के आसार तो साफ दिखाई दे रहे हैं। अब राष्ट्रवाद का नारा देने वाली इस यूनियन के नेता को समझना होगा कि वह प्रांतीयता की भावना से ऊपर उठकर सबको गले लगाना होगा नहीं तो कुछ बिहारियों से पंगा कुछ ाास पहाडिय़ों के कारण काफी महंगा साबित होगा। यह बात कारखाने में काफी ज्यादा चर्चाओं में है कि एक वर्ग विशेष को गले लगाना और दूसरे को नजर अंदाज करने के चलते बगावत के आसार कुछ ज्यादा ही दिखाई दे रहे हैं तो ऐसे में इस यूनियन के अध्यक्ष को भी बदलाव लाना होगा, तब कहीं जाकर नंबर वन बनने की सोच पायेंगे।

भेल के डब्ल्यूसीडी में साहब की मेहरबानी

भेल कारखाने का वक्र्स कान्ट्रेक्ट डिपार्टमेंट जब से नये मु िाया ने संभाला है तब से कुछ ज्यादा ही चर्चाओं में है या फिर नीचे के अफसर जानबूझ कर कुछ ऐसे करने में लगे हैं कि विभाग की छवि धूमिल हो जाये। ऐसा ही एक मामला एक ही कंपनी के दो मालिक और हस्ताक्षर एक का काफी चर्चाओं में है। काफी समय पहले इस विभाग में ऐसी ही एक कंपनी को ब्लेक लिस्ट कर बाहर का रास्ता दिखा दिया था । यह कंपनी आज भी वापस काम के लिए पूरी तरह कोशिश में लगी है।दूसरी और हाल ही में इसी तरह के कारनामे को अंजाम देने वाली दो कंपनियों के एक मालिक ने ओवरहेड क्रेन के टेंडर में अपना रोल अदा किया लेकिन जागरूकता के चलते उसे इस काम से बाहर का रास्ता दिखा दिया लेकिन यह सब जानकारी होने के बाद भी उक्त कंपनियों को विभाग के अफसरों ने न तो के्रन टेंडर में ब्लेक लिस्ट किया और न ही अन्य कामों में। यही नहीं पूरी दमदारी के साथ इस कंपनी का मुखिया आज भी क्रेन, इंसुलेशन और पेकिंग के काम धड़ल्ले से कर रहा है। साफ जाहिर है कि यह सारे काम साहब की मेहरबानी से ही चल रहे हैं।

और सिंगल विंडो के कर्मचारी नेता का तबादला

इन दिनों भेल में ाी नेताओं की नेतागिरी चरम पर है और हो भी क्यों नहीं प्रतिनिधि यूनियन के चुनाव जो करीब है। ऐसे में बड़े नेता कर्मचारियों या फिर छोटे नेताओं के ट्रांसफर, पोस्टिंग के काम कराकर खुश करने में लगे रहते हैं। ऐसा ही एक मामला ोल टाउनशिप के सिंगल विंडो का काफी चर्चाओं में है। यहां पदस्थ एक कर्मचारी ने अपने बड़े नेता के दम पर अपना तबादला पहले तो सीआरएक्स विभाग में करा लिया और अब भेल टाउनशिप आने की कोशिश में लगा है। यह सही है कि उसे सिंगल विंडो से अलविदा कर सीआरएक्स के लिए रिलीव कर दिया है लेकिन एक और यूनियन के नेता के हाथपैर जोड़कर वापस टाउनशिप ही आने की जुगत में है। इसके लिए वह अपनी यूनियन के नेता को नजर अंदाज कर एक अन्य यूनियन के महामंत्री की शरण में पहुंच गया है।

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