Tuesday , October 20 2020

डायरेक्टर पॉवर की दौड़ में

भोपाल

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भेल में इन दिनों कौन बनेगा डायरेक्टर पॉवर की चर्चा जोरों पर है। दरअसल वर्तमान डायरेक्टर रिटायर हो रहे हैं उनकी जगह कौन लेगा इसके माथा पच्ची जारी है। इधर वेकेंसी भी जारी हो चुकी है सिर्फ इंटरव्यू होना बाकी हैं। इस बार भोपाल कॉडर के अफसर का डायरेक्टर पॉवर बनना सीनियरटी के हिसाब से कुछ कम ही दिखाई दे रहे हैं इसलिए दिल्ली बंगलौर के अफसर शकील मिनोचा और दिल्ली के जीएस मुरली, यू एस मथारू, अनिल जोशी का नाम ज्यादा ही चर्चाओं में है। पूरी दमदारी से पॉवर सेक्टर को चलाने वाले डायरेक्टर साहब भले ही रिटायर हो रहे हो लेकिन चैयरमेन साहब उनकी तरह ही इस सेक्टर को चलाने वाले की तलाश में हैं। ऐसे में उनकी पारखी नजर इनमें से किसको डायरेक्टर पॉवर पद के योग्य समझती है यह तो इंटरव्यू के बाद ही पता चल पायेगा।

और जीएम साहब बन गये बीएसएम के चैयरमेन

भेल भोपाल यूनिट में विनय निगम का तबादला जगदीशपुर यूनिट में होने के बाद ही भेल शिक्षा मंडल के चैयरमेन की तलाश शुरू हो गई थी। देर सवेर भले ही भेल के कार्यपालक निदेशक को सीनियर अफसर न मिल पाये हो लेकिन उनकी पहली पसंद बने थर्मल ग्रुप के महाप्रबंधक मोतीलाल तौरानी। आनन फानन में उनके बीमार होने के बाद भी ईडी साहब ने उन्हें भेल शिक्षा मंडल का अध्यक्ष बनाए जाने के आदेश जारी कर दिये। खबर है कि साहब स्वस्थ तो हो गये हैं। मजेदार बात यह है कि उन्हें भी ऐसे टाइम पर चैयरमेन बनाया है जब कोरोना काल के चलते मंडल की न केवल हालत खराब है बल्कि यहां पर सालों से काम कर रहे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।

कारखाने की दूसरी पाली में डॉक्टर साहब नहीं आते

इधर कोविड-19 का संकट बढ़ता ही जा रहा है तो उधर कारखाने के मेडीकल ब्लॉक (ओएसएच) की प्रथम पाली में तो यहां के प्रमुख हाजिरी दे रहे हैं तो दूसरी पाली के डॉक्टर साहब ड्यूटी पर ही नहीं आते हैं इस बात की चर्चाएं कारखाने में ट्रेड यूनियन नेता करते नजर आ रहे हैं। एक नेता ने तो यह तक कह डाला कि जब मेडीकल कमेटी की बैठक में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया था तब प्रबंधन ने दूसरी पाली में डॉक्टर भेजने का भरोसा दिलाया था लेकिन भरोसा भरोसा बनकर ही रह गया। दरअसल कारखाने में दिन रात मेहनत करने वाले कर्मचारी यदि किसी गंभीर दुर्घटना का शिकार हो जाये तो यहां का मेडीकल डिपार्टमेंट ही ठीक कर सकता है लेकिन पहली पाली में तो डाक्टर साहब मौजूद है लेकिन दूसरी पाली में नहीं। ऐसी कोई दुर्घटनाएं होने के बाद कर्मचारी संगठनों की जुबां पर ओएचएस का नाम आ गया। अब इसका इंतजाम बड़े साहब को ही करना होगा।

Did you like this? Share it:

About editor

Check Also

नई ट्रांसफर पॉलिसी मचाएगी तहलका

भोपाल भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भेल कार्पोरेट जल्द ही अधिकारी और कर्मचारियों के लिए नई …

Do NOT follow this link or you will be banned from the site!