भोपाल
बिहार की राजधानी पटना के रोटरी क्लब भवन में ‘द्वितीय बिहार साहित्य महोत्सव’ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस गरिमामयी समारोह में मध्य प्रदेश के भोपाल से सुपरिचित कवि एवं बीएचईएल (BHEL) के सेवानिवृत्त अधिकारी सुरेश सोनपुरे को उनकी उत्कृष्ट साहित्य सेवा एवं सृजन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। देश-विदेश के साहित्यकारों का समागम संस्थापक व अध्यक्ष कमल किशोर वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव में भारत के विभिन्न प्रांतों के साथ-साथ नेपाल के साहित्यकार, कवि और लेखक भी सम्मिलित हुए।
मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए सुरेश सोनपुरे के साथ सीहोर के कमलेश शर्मा ‘कमल’ और कांटाफोड़ (देवास) के सुंदर जायसवाल को भी मुख्य अतिथि एसएम परवेज आलम (अपर सचिव, राजभाषा विभाग, बिहार) द्वारा सम्मानित किया गया। वैचारिक सत्र: भाषाओं और गजलों पर मंथन कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार भगवती प्रसाद द्विवेदी ने की। वैचारिक सत्र के दौरान भगवती प्रसाद द्विवेदी ने आंचलिक भाषाओं की महत्ता और आधुनिक साहित्य में उनके प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि डॉ. संजय ‘पंकज’ ने राष्ट्र निर्माण में बिहार के साहित्यकारों के योगदान को रेखांकित किया। डॉ. सुनील ‘चम्पारणी’ ने गजल के शास्त्रीय स्वरूप और उसके सामाजिक सरोकारों पर समीक्षात्मक चर्चा की। सारस्वत अतिथि मधुरेश शरण ने गीतों के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। कविता सत्र ने मोहा मन मुख्य अतिथि की उपस्थिति में आयोजित कविता सत्र में रचनाकारों ने विभिन्न विधाओं और विषयों पर अपनी उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का सफल संचालन रवि श्रीवास्तव, अनुपमा सिंह, रघुनाथ पांडे एवं हिमांशु मिश्रा ने किया। अंत में संस्थापक कमल किशोर वर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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