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भेल का छ:माही टारगेट 1530 करोड़, इस बार टीसीबी नंबर वन पर

इस वित्तीय वर्ष में हो सकता है 3500 करोड़ का उत्पादन

भोपाल

भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड(भेल) भोपाल यूनिट में इस वित्तीय वर्ष 2018-19 के छ: माह में 1525 करोड़ का टारगेट पूरा किया है। पिछले वित्तीय वर्ष में हाईड्रो गु्रप नंबर वन बना हुआ था लेकिन इस वित्तीय वर्ष में टीसीबी ग्रुप नंबर वन पर पहुंच गया है। उत्पादन की रफ्तार से पता चलता है कि यह यूनिट वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर करीब 3500 करोड़ का उत्पादन कर पायेगी। हालांकि कार्पोरेट ने इस यूनिट को 4600 करोड़ का टारगेट निर्धारित किया है।

सूत्रों के मुताबिक भले ही इस यूनिट ने छ: माह में 1530 करोड़ का उत्पादन किया हो लेकिन ऑर्डर की कमी व होल्ड उसके लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ऐसे हालात में निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल काम दिखाई दे रहा है। इस कारखाने के टीसीबी ग्रुप ने करीब 390 करोड़, ट्रेक् शन 290 करोड़, स्वीचगियर ने 250 करोड़, हाईड्रो 240 करोड़, ईएम ग्रुप 194 करोड़ और फीडर्स ग्रुप ने 26 करोड़ का उत्पादन किया है। साफ जाहिर है कि टीसीबी, ट्रैक् शन और स्वीचगियर क्रमश: नंबर वन, टू और थ्री पायदान पर है।

पिछले वित्तीय वर्ष में नंबर वन रहा हाईड्रो इस बार चौथे पायदान पर है, साफ जाहिर है कि ऑर्डरोंं की कमी इस विभाग को परेशान किये हुए है। सूत्रों की माने तो इस विभाग के पास ऑर्डर तो तीन हजार करोड़ के है लेकिन ज्यादातर ऑर्डरों पर होल्ड लगने के कारण यह बेहतर परफार्मेंस नहीं दिखा पा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि छ:माही क्वार्टर में टारगेट का प्रतिशत तो ठीेक रहा लेकिन आगे का काम मुश्किल दिखाई दे रहाहै।

महेश्वर प्रोजेक्ट पर होल्ड लगा हुआ है। न्यूक्लियर में ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। भूटान प्रोजेक्ट पर होल्ड है इसके कई उपकरण बनकर तैयार है लेकिन कारखाने से रवाना नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में इस यूनिट की किस्मत साथ दे जाये तो इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक टारगेट के बढऩे से इंकार नहीं किया जा सकता। पिछले वर्ष के मुकाबले ईएम और थर्मल भी ऑर्डरों की मार झेल रहे हैं, इससे इन विभागों से टारगेट की उम्मीद करना कोई मतलब नहीं रखता। इधर वेज रिवीजन और ढाई इंक्रीमेंट का मुद्दा भी टारगेट पूरा करने में मुश्किलें खड़ी कर रहा है। अब देखना यह है कि भेल के मुखिया टारगेट पूरा करने के लिए क्या जतन करते हैं।

भेल का बड़ा मुनाफा
वर्ष दर वर्ष आधार पर 2018 की जुलाई-सितंबर तिमाही में महारत् न कंपनी भेल के मुनाफे में 60.4 की वृद्धि दर्ज की गयी।
2017 की समान तिमाही में 115.42 करोड़ रुपये के मुकाबले कंपनी ने 185.17 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त किया। हालांकि जानकारों ने कंपनी के लिए 218 करोड़ रुपये के मुनाफे और 6,902 करोड़ रुपये की आमदनी का अनुमान लगाया था। कंपनी की अन्य आमदनी 218.50 करोड़ रुपये से 30.58: की गिरावट के साथ 151.67 करोड़ रुपये रह गयी। भेल की विद्युत आमदनी 1.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,153 करोड़ रुपये और औद्योगिक कारोबार 31.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,453.75 करोड़ रुपये रही। भेल का तिमाही एबिटा साल दर साल आधार पर 40.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 240.78 करोड़ रुपये और एबिटा मार्जिन 87 आधार अंक बढ़ कर 3.55 प्रतिशत रहा। कंपनी के मुनाफे में शानदार बढ़त हुई, मगर यह जानकारों की अनुमान से कमजोर रहे।

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