भेल प्रशासन टेन्डर प्रक्रिया का उड़ा रहा है मजाक, नए लाइसेंसधारी परेशान

भोपाल

भेल प्रशासन अपने द्वारा जारी किये गये टेन्डर प्रक्रिया का खुद मजाक उड़ा रहा है। दबाव की राजनीति के चलते भेल प्रशासन क ो लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस बात की फिक्र भेल के आला अफसरों को नहीं है।भेल टाउनशिप के पिपलानी, बरखेड़ा, गोविंदपुरा और हबीबगंज हॉट बाजारों में सब्जियों की नीलामी कराने वाले अढ़त के नए लाइसेंसधारियों को काम में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार अढ़त के लाइसेंस के लिए भेल प्रबंधन ने बीते 4 दिसंबर 2018 को टेंडर जारी किया था। टेंडर खुलने के बाद कुल 20 लोगों को अढ़त का नया लाइसेंस प्राप्त हुआ। साथ ही प्रबंधन ने टाउनशिप की सब्जी मंडियों की नीलामी की लोकेशन हबीबगंज से बदलकर गोविंदपुरा हॉट बाजार कर दिया। सूत्रों ने बताया कि टाउनशिप के हॉट बाजारों में सब्जियों की नीलामी करने के लिए गंगाराम चौकसे, नन्नेलाल, अच्छे कुरैशी, शमीउल्ला, जाहिर कुरैशी, राजा कुरैशी, नबाव हाजी, राशिद भाई खजूरी, जफ र कुरैशी, मुन्ने भाई, अनीश कुरैशी, हासिब कुरैशी और भूरा भाई कुल 13 लोगों के पास अढ़त का काम था। प्रत्येक अढ़त लाइसेंसधारी प्रतिदिन भेल प्रबंधन को 50 रुपए का भुगतान करते हैं। यानि प्रत्येक अढ़त लाइसेंसधारी से प्रबंधन को 1500 रुपए प्रतिमाह व 18 हजार रुपए प्रति वर्ष का लाभ होता है।

बीते महीने पूर्व भ्ेाल की टाउन एडवाइजरी कमेटी में अढ़त के नए लाइसेंस का टेंडर जारी किए जाने का मुद्दा उठाया गया था जिसके बाद अढ़त लाइसेंस का नया टेंडर नगर प्रशासन विभाग द्वारा जारी किया गया। बीते 4 दिसंबर 2018 को यह टेंडर जारी किया गया था। इस टेंडर को कुल 45 लोगों ने भरा था। भेल प्रबंधन ने टेंडर की न्यूनतम राशि 18 हजार रुपए से बढ़ाकर 90 हजार रुपए प्रति वर्ष रखी थी। 27 दिसंबर 2018 को अढ़त के नए लाइसेंस का टेंडर खुला था। इस टेंडर में सतीश नाईक, मंसूर, मिथिलेश सेन, वाहिद, वासिद कुरैशी , अजय करनानी, प्रदीप शर्मा, सगीर, राशिद, बृजेश सेन,आसिफ , असद कुरैशी, मोहम्मद सलीम, कैलाश साहू, नौशे कुरैशी, ऐजाज कुरैशी, प्रसिद्ध गिरी, शाहरुक, फ हीम कुरैशी और अकबर कुरैशी को मिलाकर कुल 20 लोगों को अढ़त का नया लाइसेंस प्राप्त हुआ था।

जब अढ़त के लाइसेंस का नया टेंडर खुला तो इसकी न्यूनतम राशि 1 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंच गई। पूर्व में भेल प्रबंधन को प्रत्येक अढ़त लाइसेंसधारियों से सालाना 18 हजार रुपए का लाभ होता था। यानि 13 अढ़त लाइसेंसधारियों से भेल को सलाना 2 लाख 34 हजार रुपए का लाभ होता था। नए टेंडर के अनुसार प्रबंधन को प्रत्येक अढ़त लाइसेंसधारियों से सालाना 1 लाख 50 हजार रुपए का फायदा होगा। यानि 20 अढ़त लाइसेंसधारियों से भेल को सालाना 30 लाख रुपए का फायदा होगा। नए टेंडर जारी करने से भेल के राजस्व को पहले के मुकाबले सालान 27 लाख 66 हजार रुपए का ज्यादा फ ायदा होगा ।

सूत्रों का कहना है कि नया टेंडर जारी होने पर पुराने 13 लाइसेंसधारियों ने नया टेंडर भी नहीं भरा था। बावजूद इसके 45 लोगों ने नया टेंडर भरा था जिसमें से 20 नए लोगों को यह टेंडर प्राप्त हुआ था। सूत्रों की मानें तो नया टेंडर जारी करने के साथ ही नगर प्रशासन विभाग ने सब्जियों की नीलामी की लोकेशन हबीबगंज मार्केट से बदलकर गोविंदपुरा मार्केट कर दी थी। गौरतलब है कि अढ़त के नए लाइसेंसधारियों के काम के चलते भेल को राजस्व से सालाना 27 लाख 66 हजार रुपए का ज्यादा लाभ होगा। यदि भेल मैनेजमेंट किसी राजनीतिक दबाव के चलते इस काम को रुकवा देती है तो इससे कम्पनी को ही नुकसान पहुंचेगा। भेल प्रवक्ता का कहना है कि भेल प्रशासन टेन्डर प्रक्रिया का पालन नियमानुसार करती है नये व्यापारियों को गलत फहमी है कि उन्हें यह काम नहीं मिलेगा।

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