Wednesday , October 21 2020

इंटक ने कहा भेल चल पड़ा निजीकरण की राह

भोपाल

आज वर्तमान में पब्लिक सेक्टर के उद्योगों के हालात दिन ब दिन बिगड़ते जा रहे है। वर्तमान सरकार ने इन उद्योगों को बीमारू बनाया दिया है और इन्हें कुछ चंद उद्योगपतियो के हाथों बेचा जा रहा है। सरकार द्वारा देश की आत्मा कहे जाने वाले इन उद्योगों को एक एक कर निजीकरण की ओर धकेला जा रहा है। इन सब से भेल जैसी महारत्न कंपनी भी अछूती नहीं है।

हेम्टू इंटक के अध्यक्ष आरडी त्रिपाठी ने भेल के कर्मचारियों की समस्याओं के सम्बन्ध में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह से चर्चा की। जिसमें पब्लिक सेक्टर के उद्योगों का निजीकरण, सरकार द्वारा कर्मचारियों के भत्ते में लगाई गई रोक, भेल की खाली पड़ी जमीन को भेल के ही कर्मचारियों को आवंटित किये जाने, भेल में अनुकम्पा नियुक्ति चालू करनेे का पत्र श्री सिंह को सौंपा।

इसी तरह सभी सरकारी उद्योगों को ऑटोनामी दी जाये। मध्य प्रदेश यूथ इंटक अध्यक्ष मिथिलेश तिवारी ने बताया की दिग्विजय सिंह ने इन सभी विषयो को गंभीरता से लेते हुए भारी उद्योग मंत्री प्रकाश जावड़ेेकर को पत्र लिखकर शीघ्र कार्यवाही करने की मांग की है।

टाउन एडवाइजरी की बैठक
सोमवार को भेल टाउन कमेटी की बैठक आयोजित की गई जिसमें इंटक, ऐबू और बीएमएस के प्रतिनिधि शामिल हुए। मध्य प्रदेश यूथ इंटक अध्यक्ष मिथिलेश तिवारी ने बताया की जल्द ही कार्पोरेट प्रबंधन द्वारा 3.5 करोड़ रूपये भोपाल यूनिट के टाउनशिप के मेंटिनेंस के लिए दिए जायेगे जिससे कुछ हद तक समस्या का समाधान हो जायेगा। इंटक प्रतिनिधियों द्वारा यह भी मुद्दा उठाया गया था की अलॉटमेंट क्राइटेरिया बढ़ाया जाये। जिसमे यह निर्णय लिया गया की सभी कर्मचारियों बेहतर मकान एलाट किये जायेगे।

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