नई दिल्ली/भोपाल। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) कॉर्पोरेट कार्यालय द्वारा औद्योगिक संबंध संहिता (इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड), 2020 के अंतर्गत ‘स्टैंडिंग ऑर्डर्स’ (स्थायी आदेश) की प्रासंगिकता को लेकर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
भेल कॉर्पोरेट कार्यालय के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ऑगस्टिन जाजा द्वारा जारी इस आधिकारिक पत्र के अनुसार, जिन व्यावसायिक इकाइयों या एस्टेब्लिशमेंट्स में कर्मचारियों (वर्कमेन) की संख्या तय वैधानिक सीमा (प्रिस्क्राइब्ड थ्रेशोल्ड) से कम है, वहाँ के कर्मचारी पूर्व की तरह ही ‘भेल आचरण, अनुशासन और अपील (सीडीए) नियमों’ के दायरे में आते रहेंगे। यह आदेश वाराणसी, जगदीशपुर, बेंगलुरु, रुद्रपुर, गोइंदवाल, हैदराबाद और मुंबई स्थित भेल की विभिन्न विशेष इकाइयों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए जारी किया गया है। इस स्पष्टीकरण की आवश्यकता तब पड़ी जब कुछ इकाइयों द्वारा कम कर्मचारी संख्या वाले केंद्रों में स्टैंडिंग ऑर्डर्स के स्टेटस को लेकर सवाल उठाए गए थे। प्रबंधन ने साफ किया है कि यह व्यवस्था 21 नवंबर 2025 को अधिसूचित औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 और इसके तहत 8 मई 2026 को जारी किए गए नियमों के प्रावधानों के तहत की गई है।
पत्र में सभी यूनिट और डिवीजनों को निर्देश दिया गया है कि वे समय-समय पर अपने यहाँ काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा करते रहें। यदि भविष्य में कर्मचारियों की संख्या में बदलाव के कारण स्टैंडिंग ऑर्डर्स लागू होने की स्थिति बनती है, तो इसकी सूचना संबंधित कर्मचारियों को दी जाएगी और सेवा शर्तों के अनुपालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
