– मामला संस्था में फर्जी सदस्यों को शामिल करना
भोपाल
भेल क्षेत्र की अमृतपुरी गृह निर्माण समिति के विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहे है। संस्था के मुखिया की मनमानी के चलते संचालक मंडल भी परेशान है। कई लोगों को संस्था ने नए सदस्य के रूप में शामिल किए जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। वहीं इस मामले में संचालक मंडल की सहमति भी नहीं ली जा रही है। जिन्हें चुनाव अधिकारी बनाया है वे ही संस्था के मुखिया के कहने पर फर्जी नाम जोडऩे का काम सुचारू रूप से कर रहे है।
ऐसे मेंं संस्था के 6 संचालक मंडल के सदस्य अरूण कुमार वर्मा, पी वासुदेवन, राजेश तायड़े, सुरेंद्र अहिरवार, मो असद और मुक्ता असीजा ने एकराय होकर इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू में की है। साथ ही सहकारिता विभाग से जुड़े तमाम अधिकारियों को सूचना भी दी है। इसके बाद भी संस्था मनमानी चल रही है। संचालक मंडल के सदस्यों ने ईओडब्ल्यू को लिखी शिकायत में कहा है कि 496 सदस्य मौजूद है लेकिन जो सदस्यता सूची प्रकाशित की गई है वह फर्जी और कूटरचित है। मूल सदस्यता सूची सहकारिता विभाग के पास है ।
150 फर्जी सदस्य होने की आशंका व्यक्त की है और 20 साल पुराने 100 सदस्यों को हटा दिया गया है। शिकायत में कहा है कि नियमों को दरकिनार कर यह सदस्यों के पास भूखंड और भवन पहले से ही है उन्हें संस्था में शामिल कर लिया है जबकि संस्था के पास एक भी भूखंड नहीं है। संचालक मंडल की कोई बैठक ही नहीं हुई। 6 संचालक मंडल के सदस्यों ने और भी कई आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
इनका कहना है-
मैंने समिति के अध्यक्ष द्वारा जो सूची दी थी उसी के अनुसार नए सदस्य बनाए। इसकी शिकायत मुझे भी समिति के संचालक मंडल ने की थी। इसकी भी जांच की जाएगी।
अलका तिग्गा, सहकारी निरीक्षक, सहकारिता विभाग
