-शिफ्ट का मामला विवादों में यूनियनें कर रही विरोध, प्रबंधन टाईमिंग चेंज करने अड़ा
भोपाल
भेल भोपाल यूनिट कारखाने में इन दिनों शिफ्ट का टाईमिंग चेंज करने का मामला विवादों में है । यहां की नंबर वन यूनियन इसका विरोध कर रही है वहीं प्रबंधन हर हाल में टाईमिंग चेंज करने पर अड़ा हुआ है । मामला यूं बताया जा रहा है कि कोरोना काल में स्थानीय प्रबंधन ने भेल कर्मचारी व ठेका श्रमिकों की काम करने की टाइमिंग कम कर दी थी यानी यह कर्मचारी 8 घंटे की जगह 7.30 घंटे ही काम कर रहे थे । प्रबंधन को लंबे समय से आधे घंटे का वेतन बिना काम किये ही दिया जा रहा है ।
अब जबकि कोरोना को खत्म हुये ही 3 साल से ज्यादा हो गये तब भी शिफ्ट इसी तरह से चल रही है इसको लेकर भेल दिल्ली कॉरपोरेट ने शिफ्ट पूरे 8 घंटे करने का फैसला लगभग ले लिया है संभवत: यह शिफ्ट 1 दिसंबर से शुरू हो सकती है कारण साफ है कि उत्पादन की आखिरी तीमाही भी एक दिसंबर से ही शुरू होगी । प्रबंधन की माने तो इन तीन माह में उत्पादन लक्ष्य को पूरा करना है । कोरोना काल के पहले यह शिफ्ट सुबह 7 से शाम 4 बजे और शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक चालू थी लेकिन कोरोना काल के बाद यह शिफ्ट सुबह 7 बजे से 3 बजे तक और शाम को 3 बजे रात 11 बजे तक शुरू कर दी गई जो आज तक चल रही है । इसमें कर्मचारियों का आधे घंटे का लंच भी सामिल है।
स्थानीय प्रबंधन चाहती है कि अब यह शिफ्ट 7 बजे से 3.30 तक शुरू हो जाये। इस शिफ्ट को लेकर विवाद शुरू हो गया है । यूं तो अन्य यूनियनें भी इस विवाद में शामिल है । वहीं दूसरी और भेल की नंबर वन यूनियन बीएमएस लगातार इसका विरोध कर रही है इसके पीछे यूनियन का कहना है कि भेल कर्मचारियों की कोरोना के आड़ में कई सुविधायें बंद कर दी हैं ऐसे में जब तक यह सुविधायें बहाल न हो जाये तब तक शिफ्ट नहीं बदली जाये।
कोरोना के बाद अधिकारी ,कर्मचारी व ठेका श्रमिकों की संख्या
-अधिकारी 1200
-सुपरवाईजर 800
-कर्मचारी 3000
-ठेका श्रमिक 3000
-सोसायटी वर्कर 1200
बीएमएस ने बुलाई आवश्यक बैठक
मंगलवार को बीएमएस यूनियन ने कर्मचारीयों और कार्यकर्ताओं की आपातकालीन बैठक बुलाई। प्रबंधन शिफ्ट ड्यूटी को लेकर लगातार बैठक कर रहा है तथा वह शिफ्ट की टाइमिंग में परिवर्तन करना चाह रहा है जिस पर हेवु भारतीय मजदूर संघ ने कहा है की कोरोना काल की आड़ में भेल भोपाल प्रबंधन ने कर्मचारियों की सबसे महत्वपूर्ण स्कीम इंसेंटिव इंसलरी का भुगतान बिना बातचीत के बंद कर दिया जबकि यह कर्मचारियों के कार्य को मापने का एक पैमाना था 100 प्रतिशत कार्य करने पर उसे प्रोत्साहन राशि प्राप्त होती थी परंतु कोराना काल में प्रबंधन ने इसे एकतरफा बंद कर दिया तब से लेकर अभी तक लगातार यूनियन ने मांग कर रही है परंतु प्रबंधन उसको अनसुना कर रहा है वहीं एक और प्रबंधन पाली में परिवर्तन करने की सोच रहा है जिस पर हेवु बीएमएस ने भेल के कर्मचारियों से कहा कि जब तक इंसेंटिव का भुगतान नहीं हो जाता तब तक शिफ्ट ड्यूटी पर किसी प्रकार की कोई चर्चा नहीं होनी चाहिए।
