भोपाल
विश्व कर्क रोग (कैंसर) दिवस के अवसर पर गैस संगठनों के प्रतिनिधि मंडल ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। संगठनों का कहना है कि भोपाल गैस कांड के 42 साल बाद भी यूनियन कार्बाइड संयंत्र के आसपास रहने वाली आबादी, विशेषकर पुरुषों में कैंसर का संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
सर्वेक्षण के डरावने आंकड़े: सम्भावना ट्रस्ट क्लिनिक द्वारा किए गए एक स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, गैस प्रभावित इलाकों में कैंसर की दर अप्रभावित क्षेत्रों की तुलना में औसतन तेरह गुना अधिक पाई गई है। इसमें सबसे ज्यादा संख्या पुरुषों की है। रिपोर्ट के मुताबिक, गैस प्रभावित आबादी में विशेष रूप से खून, फेफड़े और गले के कैंसर की दर सर्वाधिक है।
हजारों लोगों पर हुआ परीक्षण: संस्था के सदस्य राधे लाल नापित ने बताया कि इस निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए सर्वेक्षण यूनिट ने 21,276 गैस पीड़ितों और 25,528 अप्रभावित व्यक्तियों के स्वास्थ्य की स्थिति का गहन परीक्षण किया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि त्रासदी का ज़हर आज भी पीढ़ियों को बीमार कर रहा है।
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