केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10-₹10 प्रति लीटर की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर ₹10 की ड्यूटी पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखना है।
दरअसल पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 110 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। इससे तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ गया था और उन्हें प्रति लीटर 24 से 30 रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था। ऐसे में कीमतें बढ़ने की संभावना बन रही थी।
सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी में कटौती का फायदा फिलहाल तेल कंपनियां अपने घाटे की भरपाई के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं, इसलिए तुरंत पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने की संभावना कम बताई जा रही है। देश की प्रमुख तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कच्चे तेल की कीमत और बाजार की स्थिति के आधार पर खुदरा दरें तय करती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो भविष्य में ईंधन के दामों पर फिर दबाव बन सकता है। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि यह फैसला आम उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के लिए लिया गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस कदम को राहत देने वाला बताया है और कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी का पूरा बोझ आम जनता पर न पड़े।
