भोपाल
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के विधि संकाय स्थित जवाहर छात्रावास में रैगिंग का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से संतोषजनक कार्रवाई न होने पर यूजीसी की एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने बयान दर्ज करने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जवाहर हॉस्टल में रहने वाले प्रथम वर्ष के कुछ विधि छात्रों के साथ सीनियर छात्रों द्वारा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की गई। पीड़ित छात्रों का आरोप है कि उनसे जबरन अपमानजनक गतिविधियां करवाई गईं, देर रात तक परेशान किया गया और विरोध करने पर उन्हें हॉस्टल से निकालने की धमकी दी गई। पीड़ित छात्रों ने पहले इस संबंध में हॉस्टल प्रशासन और संकाय अधिकारियों को शिकायत दी थी, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने यूजीसी की राष्ट्रीय एंटी रैगिंग हेल्पलाइन का सहारा लिया।
शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और प्रॉक्टोरियल बोर्ड द्वारा पीड़ित छात्रों के बयान दर्ज किए गए। इन विद्यार्थियों पर हुई कार्रवाई जांच के प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने रैगिंग में संलिप्त पाए गए कुछ सीनियर छात्रों पर अस्थायी रूप से अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इनमें संबंधित छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित करना, कक्षाओं से निलंबन और परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध जैसी कार्रवाइयां शामिल हैं।
साथ ही मामले की विस्तृत जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी छात्रों के विरुद्ध विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशा-निर्देशों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें परीक्षा से वंचित करना या स्थायी निष्कासन भी शामिल हो सकता है।
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